प्रयागराज महाकुंभ के दौरान अचानक चर्चा में आए ‘IITian बाबा’ के नाम से पहचाने जाने वाले अभय सिंह ग्रेवाल एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार वजह सिर्फ उनका आध्यात्मिक सफर नहीं, बल्कि उनकी निजी जिंदगी और उससे जुड़ा एक बड़ा विजन है. झज्जर में उनकी शादी का खुलासा हुआ, तो लोगों की जिज्ञासा और बढ़ गई. बातचीत में अभय सिंह ने मुलाकात से लेकर शादी तक और अब आने वाले बड़े प्लान तक की अपनी कहानी खुद सुनाई.

अभय सिंह बताते हैं कि वे लंबे समय बाद सीधे दिल्ली से झज्जर पहुंचे. उनके शब्दों में, मैं करीब 2 साल बाद यहां आया हूं. पिछले दिसंबर से यहीं हूं, यानी लगभग डेढ़ से दो साल का वक्त हो गया. प्रयागराज कुंभ के बाद से ही मैं इस तरफ आया. अभय सिंह और प्रीतिका की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी लगती है, लेकिन वे इसे बेहद सहज अंदाज में बताते हैं. अभय बताते हैं कि हम दोनों की पहली मुलाकात कोयंबटूर के सत्गुरु आश्रम में हुई थी. मैं महाशिवरात्रि पर वहां गया था. वो भी वहीं आईं और बैठ गईं. बस वहीं से बात शुरू हुई. यह मुलाकात यहीं खत्म नहीं हुई. बाद में दोनों की मुलाकात प्रयागराज कुंभ में भी हुई. यहीं से रिश्ता गहराता गया और दोनों ने एक साथ आगे बढ़ने का फैसला किया.

पहले मंदिर में शादी, फिर कोर्ट में औपचारिकता

शादी को लेकर भी अभय सिंह ने साफ किया कि यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था. 15 फरवरी को हिमाचल के एक मंदिर में हमारी शादी हुई थी. उसके बाद 19 फरवरी को कोर्ट मैरिज भी कर ली. झज्जर हम कागजी प्रक्रिया के लिए आए थे, तभी यह बात सामने आई. शादी पहले ही हो चुकी थी, बस अब ऑफिशियल हो गई.  प्रीतिका भी इस बात की पुष्टि करती हैं कि यह रिश्ता पहले से तय था और दोनों ने सोच-समझकर यह कदम उठाया.

कौन हैं प्रीतिका?

अभय सिंह की पत्नी प्रीतिका बेंगलुरु की रहने वाली हैं और मूल रूप से कर्नाटक के मंगलौर से हैं. वे पेशे से इंजीनियर हैं, लेकिन अब उनका झुकाव भी आध्यात्मिक जीवन की ओर है. अभय कहते हैं, हम दोनों का काम एक ही है साधना और विजन. हम एक ही दिशा में काम कर रहे हैं.

अब अगला कदम: ‘श्री यूनिवर्सिटी’ का प्लान

शादी के बाद अब जो सबसे दिलचस्प और बड़ा प्लान सामने आया है, वह है ‘श्री यूनिवर्सिटी’. अभय सिंह इसे सिर्फ एक संस्थान नहीं, बल्कि एक एनर्जाइज्ड स्पेस के रूप में देखते हैं. उनके अनुसार, हम एक ऐसी यूनिवर्सिटी बनाना चाहते हैं, जहां अलग-अलग तरह की साधनाएं हों. यहां रिसर्चर्स आएं, ऋषि-मुनि जैसे लोग काम करें, आध्यात्मिक रिसर्च हो और हमारी पुरानी ज्ञान परंपरा को फिर से जीवित किया जाए.  वे मानते हैं कि आज के समय में साइंस और स्पिरिचुअलिटी को अलग-अलग देखा जाता है, जबकि दोनों को साथ लाने की जरूरत है. हम चाहते हैं कि साइंस और स्पिरिचुअलिटी को जोड़ा जाए. यहां तक कि लॉ और स्पिरिचुअलिटी को भी एक साथ समझने की कोशिश हो.

एक मंच पर सभी परंपराएं

अभय सिंह का विजन सिर्फ एक यूनिवर्सिटी तक सीमित नहीं है. वे इसे एक ऐसा मंच बनाना चाहते हैं जहां अलग-अलग संप्रदाय एक साथ आएं. वह कहते हैं कि नाथ संप्रदाय, ब्राह्मण परंपरा, मंत्र जाप करने वाले, जूना अखाड़ा सभी को एक जगह लाना है. आज हर कोई अलग-अलग काम कर रहा है, लेकिन जरूरत है कि सब एक प्लेटफॉर्म पर आएं. अभय कहते हैं कि हम परिवार से मिलेंगे. कोई समस्या नहीं है. अभी हम हिमाचल में हैं और धीरे-धीरे सब चीजें आगे बढ़ेंगी.  उनके मुताबिक, यूनिवर्सिटी को लेकर प्लान तैयार है और बैकग्राउंड वर्क भी चल रहा है. हमारा यूट्यूब चैनल भी है, वहां कंटेंट पहले से मौजूद है. धीरे-धीरे सब कुछ जमीन पर उतरेगा.

महाकुंभ से चर्चा में आए थे ‘IITian बाबा’

अभय सिंह ग्रेवाल प्रयागराज महाकुंभ के दौरान चर्चा में आए थे. उनके IIT बैकग्राउंड और आध्यात्मिक जीवन के मेल ने लोगों का ध्यान खींचा था. सोशल मीडिया पर भी उन्हें लेकर काफी चर्चा हुई. अब शादी और ‘श्री यूनिवर्सिटी’ के प्लान के साथ वे एक बार फिर सुर्खियों में हैं.

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