‘गौहत्या रोकने के लिए राम मंदिर जैसी जन-भावना होनी चाहिए’, मोहन भागवत का बयान – mohan bhagwat claims public need ram mandir like sentiment stop cow slaughter ntc drmt


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने गौहत्या रोकने को लेकर बड़ा बयान दिया है. जन जागरूकता पर जोर देते हुए उन्होंने दावा किया कि गौहत्या रोकने के लिए राम मंदिर जैसी ही जन-भावना होनी चाहिए. भागवत ने कहा कि अगर समाज गाय के प्रति समर्पित हो जाए, तो गौहत्या अपने आप रुक जाएगी.

मोहन भागवत वृंदावन के मलूक पीठ में संत मलूक दास जी महाराज की 452वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे. यहां उन्होंने कहा, ‘समाज को गायों का भक्त बनाओ, गौहत्या तुरंत रुक जाएगी. हमें जनता को जागरूक करना होगा, बाकी सब अपने आप हो जाएगा.’

आरएसएस प्रमुख ने अयोध्या के राम मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि दशकों के संघर्ष के बाद 2019 में सुप्रीम कोर्ट का फैसला इसलिए आया क्योंकि पूरे देश में वैसी ही भावना थी. भागवत ने कहा कि वैसी ही भावना अब गायों के लिए भी दिखनी चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘राम मंदिर 2014 से 2019 के बीच नहीं बना, ये 2019 के बाद आया. क्यों? क्योंकि सुप्रीम कोर्टजो पहले कहता था कि उसके पास और दूसरे अहम मामले हैं, उसने एकमत से फैसला दिया. इसी तरह, गायों के लिए भी यही भावना दिखनी चाहिए. आप भी कोशिश कर रहे हैं, हम भी कोशिश कर रहे हैं.’

गौशालाओं की मदद करने की सलाह

आरएसएस प्रमुख ने माना कि शहरों में गाय रखना मुश्किल है. ऐसे में उन्होंने सुझाव दिया कि जो लोग सीधे गाय नहीं पाल सकते, वो गौशालाओं की मदद करें. उन्होंने कहा, ‘अगर जन-भावना मौजूद है, तो सिस्टम को उसे स्वीकार करना ही होगा.’ उन्होंने आगे कहा, ‘उन्हें मजबूत करें… ये एक साहसिक कदम होगा. गाय के उत्पाद हर व्यक्ति तक पहुंचाए जाएंगे. संघ इस दिशा में काम करेगा.’

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भारत बनेगा ‘विश्व गुरु’- भागवत

मिडिल-ईस्ट में जारी जंग को लेकर मोहन भागवत ने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत ‘विश्व गुरु’ के रूप में उभरे और एक सुखी और सुंदर दुनिया बनाए. उन्होंने कहा, ‘भारत अपने संतों और आध्यात्मिक मूल्यों से प्रेरणा लेकर दुनिया को नई दिशा देगा.’

संत मलूक दास के दर्शन पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सत्य और करुणा के बिना कोई धर्म नहीं हो सकता. उन्होंने लोगों से अपील की कि वो दूसरों के दुख को अपना दुख समझें.

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