NCB का बड़ा दावा: समीर वानखेड़े के खिलाफ शिकायतों के आधार पर चल रही जांच, नवाब मलिक से कोई संबंध नहीं – sameer wankhede ncb affidavit nawab malik role drug case pvzs


नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने अपने पूर्व जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े के खिलाफ चल रही जांच को लेकर बड़ा खुलासा किया है. एजेंसी ने कोर्ट में दाखिल हलफनामे में साफ कहा है कि यह जांच किसी राजनीतिक दबाव में नहीं, बल्कि ठोस शिकायतों के आधार पर शुरू की गई है. खासतौर पर नवाब मलिक का इसमें कोई रोल नहीं बताया गया है.

NCB ने यह जानकारी अपने डिप्टी डायरेक्टर जनरल विशाल सनप के जरिए कोर्ट में दी. एजेंसी की ओर से वकील मनीषा जगताप ने हलफनामा दाखिल किया, जिसमें कहा गया कि समीर वानखेड़े के खिलाफ दो गैर-गुमनाम (non-anonymous) शिकायतें मिली थीं. इन शिकायतों के आधार पर ही प्रारंभिक जांच शुरू की गई थी.

NCB ने अपने हलफनामे में साफ कहा कि इन दोनों शिकायतों का नवाब मलिक से कोई लेना-देना नहीं है. एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच किसी भी तरह से नवाब मलिक के इशारे या उनके किसी संदेश के आधार पर शुरू नहीं की गई. इससे यह साफ हो गया कि मामला पूरी तरह से स्वतंत्र जांच का है.

यह हलफनामा बॉम्बे हाईकोर्ट की बेंच के सामने पेश किया गया, जिसमें जस्टिस एएस गडकरी और जस्टिस कमल खाटा शामिल हैं. यह बेंच समीर वानखेड़े की उस याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें उन्होंने NCB द्वारा भेजे गए नोटिस को चुनौती दी है. ये नोटिस ड्रग्स केस में कथित गड़बड़ियों को लेकर जारी किए गए थे.

वानखेड़े की ओर से उनके वकील राजीव चव्हाण ने कोर्ट में दलील दी कि उनके मुवक्किल को टारगेट किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जब से वानखेड़े ने ग्लोबल सुपर स्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को क्रूज ड्रग्स केस में गिरफ्तार किया, तब से उनके खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नवाब मलिक उनसे नाराज थे क्योंकि उन्होंने मलिक के दामाद को भी ड्रग्स केस में गिरफ्तार किया था.

NCB ने अपने जवाब में कहा कि एजेंसी को मिली शिकायतों की जांच करना उसका अधिकार और कर्तव्य है. फिलहाल यह जांच केवल वेरिफिकेशन स्टेज पर है. एजेंसी ने कहा कि वानखेड़े को सिर्फ उनका पक्ष जानने के लिए बुलाया गया है, ताकि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन हो सके.

NCB ने यह भी आरोप लगाया कि समीर वानखेड़े 2024 से लगातार याचिकाएं दाखिल कर जांच प्रक्रिया को धीमा कर रहे हैं. एजेंसी के मुताबिक, इससे जांच में देरी हो रही है. वहीं वानखेड़े का कहना है कि यह जांच बदले की भावना से की जा रही है और उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है.

दरअसल, जून 2020 में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद फिल्म इंडस्ट्री में ड्रग्स के इस्तेमाल को लेकर NCB ने जांच शुरू की थी. उस समय समीर वानखेड़े इस जांच टीम के प्रमुख थे. इस केस में रिया चक्रवर्ती, उनके भाई शौविक और 33 अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. बाद में इसी जांच में गड़बड़ियों के आरोप सामने आए.

इसके अलावा, मई 2023 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भी वानखेड़े के खिलाफ केस दर्ज किया था. उन पर आरोप था कि उन्होंने आर्यन खान को केस में फंसाने से बचाने के बदले 25 करोड़ रुपये की मांग की थी. अब इस पूरे मामले पर हाईकोर्ट दो हफ्ते बाद अगली सुनवाई करेगा, जिससे आगे की दिशा तय होगी.

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