ईरान ने शुरू की परमाणु हमले से बचने की तैयारी, जनता को दी 2 लाख ‘काउंटर डोज’ – donald trump iran nuclear threat iodine tablets bushehr preparation wdrk


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मानें तो आज यानी मंगलवार की रात ईरान के लिए कयामत की रात होगी. ट्रंप ने धमकी दी है कि वो आज रात ईरान की सभ्यता खत्म कर देंगे और ऐसा खत्म करेंगे कि ये दोबारा पनप नहीं सकेगी. ट्रंप की इन धमकियों के बीच ईरान ने खराब से खराब परिस्थिति में भी अपने नागरिकों को बचाने की पूरी तैयारी कर ली है. ईरान के एकमात्र न्यूक्लियर प्लांट वाले शहर बुशहर में लोगों ने तो न्यूक्लियर हमले से बचने की तैयारियां की हैं.

ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर बुशहर में स्वास्थ्य अधिकारियों ने संकट की तैयारी के तहत स्थानीय निवासियों के बीच 1,80,000 आयोडीन की गोलियां बांटी हैं.

बुशहर यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के स्वास्थ्य उपाध्यक्ष ने कहा कि यह तैयारी तब से हो रही है जब पिछले साल जून में इजरायल और अमेरिका ने उसके परमाणु संयंत्रों पर हमले किए थे. पिछले साल का युद्ध महज 12 दिनों तक चला था.

लेकिन इस बार संकट बड़ा है और अमेरिका बिना सोचे-समझे बड़े पैमाने पर हमले कर रहा है. इसे देखते हुए ईरान के राष्ट्रीय संकट प्रबंधन मुख्यालय ने लोगों के बीच आयोडीन की गोलियां बांटने का फैसला किया है. यह जानकारी सरकारी संस्था यंग जर्नलिस्ट क्लब (YJC) ने दी.

ईरान शहर के सभी निवासियों को बांट रहा आयोडीन की गोलियां

अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में न्यूक्लियर प्लांट के आसपास के इलाकों में ही लोगों को आयोडीन की गोलियां दी गईं. हालांकि, अब पूरे शहर में लोगों के बीच गोलियां बांटी गई हैं. अब ये गोलियां बुशहर के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध हैं.

अधिकारी ने कहा, ‘योजना की शुरुआत से ही सभी स्वास्थ्य केंद्र तय दिशा-निर्देशों और फॉर्म के जरिए आयोडीन की गोलियां बांट रहे हैं. और अब ये सभी निवासियों के लिए उपलब्ध हैं.’

अधिकारियों के अनुसार, इन गोलियों का इस्तेमाल तब किया जाना है जब न्यूक्लियर प्लांट पर हमले की स्थिति में रेडियोलॉजिकल (विकिरण संबंधी) आपात स्थिति आएगी. लोगों को सलाह दी जा रही है कि उन्हें विकिरण के संपर्क में आने से 24 घंटे पहले से लेकर 4 घंटे बाद तक ये गोलियां लें. प्रति व्यक्ति एक गोली निर्धारित की गई है, हालांकि उम्र के हिसाब से इसकी मात्रा अलग-अलग हो सकती है.

स्वास्थ्य अधिकारियों ने समझाया कि परमाणु दुर्घटना के दौरान रेडियोएक्टिव आयोडीन निकल सकता है, जिसे थायरॉयड ग्लैंड तेजी से अवशोषित कर लेती है. आयोडीन की गोली लेने से थायरॉयड ग्लैंड में स्थिर आयोडीन भर जाता है, जिससे वो रेडियोएक्टिव आयोडीन को कम सोखता है. इससे थायरॉयड ग्लैंड को कम नुकसान होता है.

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