ट्रंप की ‘परमाणु धमकी’ पर वैश्विक विरोध, कनाडा-फ्रांस बोले-सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को न बनाएं निशाना – donald trump iran nuclear threat nations around the world react canada france pakistan ahlbs


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से जंग के बीच ‘आज रात एक सभ्यता खत्म’ करने की बात कही. इसे ईरान पर परमाणु हमले की धमकी के रूप में देखा जा रहा है. ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खलबली पैदा कर दी है. कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. धार्मिक नेता भी खुलकर इसके खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे वैश्विक शांति के लिए गंभीर खतरा बताया है.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गहरी चिंता जताते हुए साफ कहा कि कोई भी सैन्य उद्देश्य ऐसा नहीं हो सकता जो किसी समाज के पूरे नागरिक ढांचे को नष्ट करने को सही ठहराए. उन्होंने चेतावनी दी कि आम नागरिकों को निशाना बनाना और सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह करना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी स्पष्ट संदेश दिया है. उन्होंने कहा, “किसी भी संघर्ष में सभी पक्षों को अंतरराष्ट्रीय कानून और युद्ध के नियमों का पालन करना चाहिए. इसका मतलब है, न तो नागरिकों को निशाना बनाया जाए और न ही सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को.’ कार्नी ने यह भी संकेत दिया कि परदे के पीछे कूटनीतिक बातचीत जारी है और कई बार सार्वजनिक बयान और वास्तविक बातचीत में अंतर होता है. उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में ये प्रयास युद्धविराम और क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में आगे बढ़ेंगे.

वहीं फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरो ने कहा कि किसी सभ्यता को मिटाने जैसी धमकी देना बेहद खतरनाक है. उन्होंने जोर देकर कहा कि पुल, सड़कें, रेलवे और ऊर्जा ढांचे जैसे नागरिक संसाधनों पर हमला करना युद्ध के नियमों के खिलाफ है और इससे आम लोगों की जान जोखिम में पड़ती है.

वैटिकन सिटी के प्रमुख और कैथोलिक चर्च के पोप लियो ने भी शांति की अपील करते हुए कहा कि किसी भी देश की पूरी जनता को निशाना बनाना “अस्वीकार्य” है. उन्होंने निर्दोष लोगों, खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर जोर दिया.

उधर, बीच-बचाव की कोशिश में जुटे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कूटनीतिक समाधान पर जोर देते हुए ट्रंप से डेडलाइन दो हफ्ते बढ़ाने की अपील की है. उन्होंने सभी पक्षों से अस्थायी युद्धविराम की भी मांग की, ताकि बातचीत के जरिए स्थायी समाधान निकाला जा सके.

भारत में राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘आधुनिक दुनिया में ऐसी कोई भी भाषा स्वीकार्य नहीं है जो पूरी सभ्यता के अंत की बात करे. उन्होंने दोहराया कि परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किसी भी परिस्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता.’

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, जिसकी मियाद खत्म होने जा रही है. लेकिन इसके खत्म होने से पहले ही ट्रंप ने ईरान को एक और बड़ी धमकी दी है. ट्रंप ने ईरान को धमकाते हुए कहा है कि आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी, जिसे वापस नहीं लाया जा सकेगा. मैं ऐसा नहीं चाहता लेकिन शायद ऐसा होगा.

ट्रंप ने शुरुआत में ईरान को 48 घंटे का समय दिया था और चेतावनी दी थी कि अगर वह इस दौरान होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलता, तो हमला किया जाएगा, लेकिन ट्रंप ने तनाव कम करते हुए समयसीमा बढ़ा दी. अब तक ट्रंप तीन बार समयसीमा बढ़ा चुके हैं और नई डेडलाइन सात अप्रैल को समाप्त हो रही है. भारत में 8 मार्च की सुबह अमेरिका में 7 मार्च की रात होगी. ट्रंप की पहली चेतावनी 48 घंटे की थी, जिसे बाद में पांच दिन किया गया और फिर 10 दिन और बढ़ा दिया गया. इस तरह 48 घंटे की मूल समयसीमा अब बढ़कर कुल 408 घंटे हो चुकी है.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *