उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है. जिसके चलते मंगलवार दोपहर और रात में जमकर बारिश हुई. इस बारिश के चलते एक तरफ जहां मौसम खुशनुमा हो गया और अप्रैल में भी मौसम ठंडा हो गया. वहीं दूसरी ओर यह बारिश किसानों के लिए आफत साबित हुई. क्योंकि बारिश के चलते गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है. इसी बीच मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने यूपी में 8 और 9 अप्रैल को भी अलर्ट जारी किया है.
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है.
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किसानों की बढ़ी चिंता
इस समय प्रदेश के कई इलाकों में गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार खड़ी है, वहीं कुछ स्थानों पर कटाई भी शुरू हो चुकी है. ऐसे में तेज हवा और बारिश फसलों को जमीन पर गिरा सकती है. जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा. खासतौर पर ओलावृष्टि की आशंका किसानों के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदेह मानी जा रही है, क्योंकि इससे तैयार फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है.
किसानों का कहना है कि अगर इस समय मौसम बिगड़ता है, तो उनकी कई महीनों की मेहनत पर पानी फिर सकता है. पहले ही लागत बढ़ने और बाजार में सही दाम न मिलने से किसान परेशान हैं, ऐसे में प्राकृतिक आपदा उनकी मुश्किलों को और बढ़ा सकती है.
मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की अपील की है. फिलहाल किसानों की नजरें आसमान पर टिकी हैं, और वे दुआ कर रहे हैं कि मौसम का यह बदलाव उनकी फसलों को नुकसान न पहुंचाए.
इन जिलों में बारिश के सबसे ज्यादा आसार
आईएमडी ने तो पूरे उत्तर प्रदेश में बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है. लेकिन सबसे ज्यादा बारिश के आसार पश्चिमी यूपी के जिलों जैसे- आगरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बागपत, हापुड़, सहारनपुर में जताई गई है. इसके अलावा पूर्वी यूपी और अवध के जिलों में भी बारिश हो सकती है.
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