पाकिस्तान सुपर लीग (Pakistan Super League) 2026 में खाली स्टेडियम को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. इस्लामाबाद यूनाइटेड (Islamabad United) के मालिक अली नकवी के बयान ने बहस को नया मोड़ दे दिया है, जिसमें उन्होंने दर्शकों की गैरमौजूदगी को पाकिस्तान की ‘ग्लोबल पीस’ में भूमिका से जोड़ दिया.
अली नकवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि रावलपिंडी में मैच न कराना एक रणनीतिक फैसला था, क्योंकि इस दौरान इस्लामाबाद में संवेदनशील युद्धविराम से जुड़ी बातचीत हो रही थी.
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स को लेकर पूरी लचीलापन जरूरी था. नकवी ने यह भी जोड़ा कि अगर मनोरंजन और वैश्विक शांति में से चुनना पड़े, तो हर पाकिस्तानी यही फैसला करता.
हालांकि, यह बयान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के आधिकारिक रुख से अलग है. बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने पहले साफ कहा था कि दर्शकों की एंट्री पर रोक का कारण फ्यूल संकट है. उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के निर्देश पर लोगों की आवाजाही सीमित की गई थी, जिसके चलते मैच बिना दर्शकों के कराने का फैसला लिया गया.
प्रिय @thePSLt20 प्रशंसक,
ईरान युद्धविराम और इसमें पाकिस्तान की महत्वपूर्ण भूमिका पर नवीनतम घोषणाएँ अंततः स्पष्ट करती हैं कि इस सीज़न में स्टेडियमों में भीड़ की अनुमति क्यों नहीं थी।
पिंडी में मैचों की मेजबानी न करना पूरी तरह से समझ में आता है – इस्लामाबाद स्पष्ट रूप से इसके लिए चुना गया स्थान था…– अली नकवी (@AliNaqvi808) 8 अप्रैल 2026
इन दो अलग-अलग बयानों ने पूरे मामले को विवादास्पद बना दिया है. आलोचकों का कहना है कि एक साधारण प्रशासनिक समस्या जैसे ईंधन की कमी और लॉजिस्टिक्स को ‘ग्लोबल पीस’ जैसे बड़े नैरेटिव से जोड़ना वास्तविकता से दूर लगता है.
PSL जैसे बड़े टूर्नामेंट में खाली स्टेडियम पहले ही चिंता का विषय थे, और अब इस पर विरोधाभासी बयान सामने आने से पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
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