इंजेक्शन, गर्लफ्रेंड और डिजिटल सबूत: डॉ. कृतिका रेड्डी का हुआ था कत्ल, पति की चैट्स ने पलटी पूरी कहानी – injection affair digital evidence kruthika reddy murder husband chats lcla


बेंगलुरु में डॉक्टर कृतिका रेड्डी हत्याकांड में कई चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं. शुरुआत में जिसे एक सामान्य और प्राकृतिक मौत माना गया था, वह सुनियोजित हत्या निकली. इस कत्ल के बाद सबूत मिटाने की भी कोशिश की गई. पुलिस की जांच में कुछ चैट्स सामने आए हैं, जो डॉक्टर कृतिका के आरोपी पति ने अपनी कथित गर्लफ्रेंड से किए थे. फिलहाल, आरोपी पति महेंद्र रेड्डी पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है.

इस पूरे मामले की कहानी 23 अप्रैल 2025 से शुरू होती है. कृतिका अपने पिता के घर माराठाहल्ली इलाके में रह रही थीं. उनकी तबीयत ठीक नहीं थी और वह वहीं आराम कर रही थीं. इसी दौरान उनके पति महेंद्र रेड्डी उनसे मिलने पहुंचे. पेशे से डॉक्टर होने के कारण वे खुद पत्नी का इलाज करने लगे. इलाज के नाम पर महेंद्र ने दो दिनों तक कृतिका को इंजेक्शन दिए. लेकिन इसके कुछ ही समय बाद कृतिका की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

शुरुआत में यह मामला सामान्य लगा. पुलिस ने इसे एक अननैचुरल डेथ मानते हुए रिपोर्ट दर्ज कर ली. किसी को भी उस समय अंदाजा नहीं था कि यह मामला हत्या का है. लेकिन कृतिका की बहन निखिता एम रेड्डी को इस पूरी घटना पर शक हुआ. उन्हें लगा कि मौत के पीछे कुछ और कारण हो सकते हैं. उनके इस संदेह ने मामले को एक नई दिशा दी और उन्होंने जांच की मांग की.

जांच आगे बढ़ी तो फॉरेंसिक रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया. रिपोर्ट में कृतिका के शरीर के कई अंगों में प्रोपोफोल नाम की एनेस्थेटिक दवा की मौजूदगी पाई गई. यह वही दवा है जो आमतौर पर ऑपरेशन थिएटर में इस्तेमाल होती है और जिसे स्पेशलिस्ट की निगरानी में ही दिया जाता है. इस खुलासे के बाद पुलिस को शक हुआ कि यह मौत प्राकृतिक नहीं, बल्कि किसी साजिश का हिस्सा हो सकती है. इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या में दर्ज कर जांच शुरू कर दी.

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जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस ने डिजिटल सबूतों को खंगालना शुरू किया. आरोपी के मोबाइल, ऐप्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से भारी मात्रा में डेटा जुटाया गया. अब तक 10.34 लाख से अधिक डिजिटल फाइल्स की जांच की जा चुकी है. इनमें PhonePe ऐप से मिले 485 चैट रिकॉर्ड्स और कई डिलीट किए गए मैसेज भी शामिल हैं, जिन्हें फॉरेंसिक टीम ने रिकवर किया है. इन डिजिटल सबूतों ने इस केस की तस्वीर को पूरी तरह बदल कर रख दिया.

जांच के दौरान एक ऐसा मैसेज सामने आया, जिसने पुलिस को चौंका दिया. यह मैसेज कथित तौर पर महेंद्र रेड्डी ने अपनी गर्लफ्रेंड को भेजा था. इसमें उसने साफ निर्देश दिए थे कि वह पुलिस को क्या बताए. मैसेज में लिखा था कि वह उसे कॉल या मैसेज न करे और अगर पुलिस पूछे तो यह कहे कि दोनों सिर्फ दोस्त हैं. यह भी कहा गया कि अगर कॉल रिकॉर्ड्स के बारे में पूछा जाए तो यह बताया जाए कि उसने केवल मदद के लिए संपर्क किया था. पुलिस के अनुसार, यह साफ तौर पर जांच को गुमराह करने और गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश थी.

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इसी के साथ एक और चौंकाने वाला मैसेज सामने आया है, जिसे पुलिस कबूलनामे जैसा मान रही है. इस मैसेज में आरोपी ने कथित तौर पर लिखा कि उसने कृतिका की हत्या कर दी है और उसे पता है कि उसे जेल जाना पड़ेगा. उसने यह भी लिखा कि एक कातिल कभी खुश नहीं रह सकता और वह भी अब उसी तरह जिएगा. यह मैसेज इस केस में सबसे अहम सबूतों में से एक माना जा रहा है.

पुलिस का आरोप है कि महेंद्र रेड्डी ने अपनी मेडिकल नॉलेज का इस्तेमाल करते हुए पत्नी को प्रोपोफोल की ओवरडोज दी, ताकि उसकी मौत को सामान्य दिखाया जा सके. इस तरह उसने एक डॉक्टर होने के अपने पेशे का इस्तेमाल एक क्राइम को छिपाने के लिए किया. जांच एजेंसियों का मानना है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी.

इस मामले में एक और अहम पहलू यह है कि कृतिका और महेंद्र की शादी को ज्यादा समय नहीं हुआ था. दोनों ने 26 मई 2024 को शादी की थी. सवाल यह भी है कि आखिर उनके रिश्ते में ऐसा क्या हुआ, जो बात यहां तक पहुंच गई.

कानूनी तौर पर भी आरोपी को राहत नहीं मिली है. कोर्ट ने महेंद्र रेड्डी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने साफ कहा कि इस केस में उपलब्ध सबूत गंभीर हैं और इस स्तर पर जमानत देना उचित नहीं होगा.

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पुलिस ने आरोपी को उडुपी जिले के मणिपाल से गिरफ्तार किया, जहां वह घटना के बाद जाकर रहने लगा था. अब उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है. पुलिस इस केस के हर पहलू को बारीकी से खंगाल रही है.

जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपी के परिवार का आपराधिक इतिहास रहा है. उसके जुड़वां भाई पर पहले धोखाधड़ी के मामले दर्ज हो चुके हैं, जबकि महेंद्र और उसके एक अन्य भाई पर भी आपराधिक आरोप लगे थे. कृतिका के परिवार का आरोप है कि शादी के समय इन बातों को छुपाया गया था. इस मामले ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है, एक डॉक्टर पर अपनी पत्नी की हत्या का आरोप है, और वह भी एक ऐसे तरीके से जो सामान्य इलाज जैसा लगे. पुलिस अब इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है.

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