‘पेट्रोल-डीजल के साथ उर्वरक की आपूर्ति बढ़ाएं’, बांग्लादेशी विदेश मंत्री की भारत से डिमांड – bangladesh foreign minister khalilur rahman india visit petrol diesel fertilizer iran war ntc bktw


पश्चिम एशिया संकट के बीच बांग्लादेश की नई सरकार के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान भारत दौरे पर हैं. दोनों देशों के संबंधों में पिछले कुछ समय से चल रही खटास के बीच यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बांग्लादेशी विदेश मंत्री ने दो दिन की नई दिल्ली यात्रा के दौरान भारत सरकार में अपने समकक्ष एस जयशंकर के साथ ही पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी से भी मुलाकात की. इस दौरान द्विपक्षी सहयोग के साथ ही ऊर्जा सहयोग पर भी चर्चा हुई.

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के मुताबिक खलीलुर रहमान ने भारत से डीजल आपूर्ति के लिए धन्यवाद दिया और ईंधन के साथ ही उर्वरक की आपूर्ति बढ़ाने का अनुरोध भी किया. बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने बांग्लादेश के अनुरोध पर तत्काल और सकारात्मक तरीके से विचार करने का आश्वासन दिया है. बांग्लादेशी विदेश मंत्री के इस दौरे के दौरान यात्रा प्रतिबंधों में ढील और रक्षा सहयोग मजबूत करने पर भी चर्चा हुई.

इस बातचीत के दौरान भारत ने आश्वासन दिया है कि बांग्लादेशी नागरिकों के लिए वीजा प्रक्रिया आसान बनाई जाएगी, खासकर चिकित्सा और व्यापार के मामले में. बांग्लादेशी विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से भी मुलाकात कर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की. खलीलुर रहमान ने भारत सरकार के सामने शेख हसीना के प्रत्यर्पण की भी मांग उठाई.

हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय के बयान में इसका कोई जिक्र नहीं है. गौरतलब है कि भारत और बांग्लादेश करीब चार हजार किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं. दोनों देशों के बीच गहरे आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं. लेकिन 2024 में शेख हसीना सरकार के खिलाफ हुए हिंसक विरोध-प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री को देश छोड़कर भागना पड़ा था. शेख हसीना तब से भारत में शरण लिए हुए हैं. दोनों देशों के रिश्ते इस घटनाक्रम के बाद तनावपूर्ण हो गए थे.

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले की घटनाओं से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया था. तनाव गहरे हुए, तो दोनों देशों ने वीजा सेवाएं निलंबित कर दी थीं. हालांकि, हाल के महीनों में दोनों देशों के आपसी संबंधों में सुधार के संकेत भी मिले हैं. भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर दिसंबर में बांग्लादेश गए थे, जहां उन्होंने तारिक रहमान की मां और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया था.

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तारिक रहमान की अगुवाई वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) को बड़ी जीत मिली थी. तारिक रहमान को बीएनपी की बड़ी जीत के बाद दुनियाभर के देशों से बधाई मिली थी और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम उन चुनिंदा नेताओं की लिस्ट में शामिल था, जिन्होंने रहमान को चुनाव जीतने पर बधाई दी थी.

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अब तारिक सरकार के विदेश मंत्री की भारत यात्रा को भी इसी दिशा में एक और कदम के रूप में देखा जा रहा है. खासकर तब, जब बांग्लादेश अपनी ईंधन और ऊर्वरक से जुड़ी जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है. पश्चिम एशिया युद्ध के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद कर रखा है. ऐसे में, यह दौरा उम्मीदों की कश्ती पर सवार पड़ोसी मुल्क की मजबूरी से भी जुड़ा है.

(रॉयटर्स के इनपुट के साथ)

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