मेरठ बंद: सेंट्रल मार्केट में सीलिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे व्यापारी, जरूरी सेवाओं को छोड़ थम गया शहर – Meerut Markets Shut Down Traders Protest Against Sealing Of 44 Buildings In Central Market lclam


यूपी के मेरठ के सेंट्रल मार्केट में दुकानों की सीलिंग की कार्रवाई के विरोध में संयुक्त व्यापार संघ और 655 व्यापारिक संगठनों ने गुरुवार को मेरठ बंद का आयोजन किया है. यह बंद सुप्रीम कोर्ट में अधिकारियों द्वारा गलत रिपोर्ट पेश करने और 44 भवनों को सील किए जाने के कारण बुलाया गया. बंद को सफल बनाने के लिए 27 टीमें बनाई गई हैं, जो शहर के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय हैं. पेट्रोल पंप दोपहर 3 बजे तक और दवा की दुकानों समेत ओपीडी सेवाएं सुबह के समय बंद रखी गई हैं. व्यापारियों ने इस कार्रवाई को हजारों लोगों के रोजगार पर संकट बताते हुए आवास विकास कार्यालय के खिलाफ मोर्चा खोलकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है.

जरूरी सेवाओं को छोड़ थम गया शहर

बंद को प्रभावी बनाने के लिए व्यापारिक संगठनों ने पूरी ताकत झोंक दी है, हालांकि आम जनता की सुविधा के लिए दूध और ब्रेड जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को मुक्त रखा गया है.

परिवहन सेवाएं भी सुचारु रूप से चल रही हैं, लेकिन पेट्रोल पंपों और दवा दुकानों के बंद रहने से शहर में असर दिख रहा है. निजी अस्पतालों में केवल आपातकालीन सेवाएं ही उपलब्ध कराई जा रही हैं.

करोड़ों की वसूली और एनओसी का खेल

धरने पर बैठे व्यापारियों ने आवास विकास परिषद पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं. व्यापारियों का दावा है कि भूखंडों का लैंड यूज बदलने के नाम पर अधिकारियों ने उनसे करोड़ों रुपये वसूले और बाकायदा एनओसी (NOC) भी जारी की थी. आरोप है कि इसके बावजूद अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में गलत रिपोर्ट सौंपी, जिसके कारण 44 व्यावसायिक संपत्तियों पर सील लग गई.

हजारों लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट

व्यापारियों का कहना है कि इस सीलिंग से सैकड़ों परिवारों के हजारों लोगों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है. बिना किसी ठोस आधार के की गई इस कार्रवाई से व्यापारियों में भारी आक्रोश है. सेंट्रल मार्केट में व्यापारियों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है और वे न्याय मिलने तक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं.

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