बिना परीक्षा पास होंगे छात्र! CBSE ने खाड़ी देशों के स्कूलों के लिए खोला स्पेशल पोर्टल, जानिये नया नियम – cbse west asia board exams cancelled alternative assessment portal edmm


पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के छात्रों का मूल्यांकन अब बोर्ड परीक्षाएं रद्द होने के बाद एक संशोधित प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा. रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए स्कूलों को इंटरनल असेसमेंट के अंक जमा करने के लिए एक निश्चित समय दिया गया है. इस कदम का उद्देश्य परीक्षाओं में आए व्यवधान के बावजूद नतीजों की समय पर घोषणा सुनिश्चित करना है.

CBSE ने खोला पोर्टल
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने पश्चिम एशिया के चुनिंदा देशों में कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए मार्क्स अपलोड विंडो खोल दी है, जहां चल रही भू-राजनीतिक चुनौतियों के कारण बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी गई थीं.

27 मार्च, 2026 को जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इन क्षेत्रों के स्कूल 8 अप्रैल से 17 अप्रैल, 2026 तक एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से छात्रों के अंक अपलोड कर सकते हैं. एक्सेस लिंक व्यक्तिगत स्कूल लॉगिन के जरिए उपलब्ध होगा, और संस्थानों को बोर्ड की दूसरी अधिसूचना में बताए गए विस्तृत दिशानिर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं.

सीबीएसई ने स्कूलों को अंक दर्ज करते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की चेतावनी दी है. बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि डेटा जमा होने के बाद सुधार या संशोधन का कोई मौका नहीं दिया जाएगा. रिजल्ट प्रोसेसिंग के दौरान किसी भी विसंगति से बचने के लिए निर्देशों का कड़ाई से पालन करने पर जोर दिया गया है.

सख्त समय सीमा और ‘नो करेक्शन’ पॉलिसी
परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने इस बात पर जोर दिया कि परिणामों की सुचारू घोषणा के लिए अंकों को समय पर जमा करना बेहद महत्वपूर्ण है. इसलिए स्कूलों से आग्रह किया गया है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर इस प्रक्रिया को पूरा करें.

वैकल्पिक मूल्यांकन योजना
यह वैकल्पिक मूल्यांकन नीति तब पेश की गई जब सीबीएसई ने बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों में 16 मार्च से 10 अप्रैल, 2026 के बीच होने वाली कक्षा 12वीं की परीक्षाओं को रद्द कर दिया था. बोर्ड ने इसके पीछे ‘असाधारण परिस्थितियों’ का हवाला दिया था, जिसके कारण परीक्षा आयोजित करना संभव नहीं था.

इस सिस्टम के तहत, छात्रों का मूल्यांकन इंटरनल असेसमेंट और 28 फरवरी से पहले आयोजित परीक्षाओं (जहां उपलब्ध हो) के प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा. जिन विषयों में परीक्षा नहीं हो सकी, उनके लिए स्कूलों को तिमाही परीक्षाओं, छमाही परीक्षाओं और प्री-बोर्ड सहित आवधिक मूल्यांकन के अंक जमा करने होंगे.

सीबीएसई ने दोहराया है कि पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जानी चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि परीक्षाओं में आए व्यवधान के कारण छात्रों को किसी भी तरह का नुकसान न हो.

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