‘समंदर में 230 जहाज तेल लेकर खड़े हैं’, होर्मुज बंदी से भारी नुकसान, छलका UAE के CEO का दर्द – strait of hormuz closure iran responsible uae oil production impact wdrk

ByCrank10

April 9, 2026 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,


स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से खाड़ी देशों को भारी नुकसान पहुंचा है. इसमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी शामिल है जिस पर अमेरिका और इजरायल के साथ युद्ध के दौरान ईरान ने सबसे ज्यादा हमले किए हैं. मिडिल ईस्ट के युद्ध से यूएई सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है और अब जबकि सीजफायर हो गया है, यूएई का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट को जल्द से जल्द खोला जाए ताकि उसके नुकसान की भरपाई हो.

यूएई की सरकारी तेल कंपनी अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) के सीईओ और यूएई के इंडस्ट्री एंड एडवांस टेक्नोलॉजी मंत्री सुल्तान अहमद अल जबेर ने गुरुवार को कहा कि होर्मुज स्ट्रेट बंद है और ईरान को इसे बिना शर्त खोलना चाहिए. उन्होंने कहा कि ईरानी हमलों से हुए नुकसान के लिए ईरान को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.

28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ने वाले इस संकरे जलमार्ग को बंद कर रखा है. सुल्तान अल जबेर ने एक लिंक्डइन पोस्ट में कहा कि यह रास्ता खुला नहीं है और आवाजाही को सीमित, शर्तों के तहत और नियंत्रित किया जा रहा है.

उन्होंने ईरान पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, ‘ईरान ने अपने बयानों और कदमों से साफ कर दिया है कि यहां से गुजरने के लिए अनुमति, शर्तें और राजनीतिक दबाव लागू हैं. यह जहाजों के आने-जाने की आजादी नहीं बल्कि दबाव की राजनीति है.’

तेल कंपनी के CEO बोले- बिना शर्त खोला जाना चाहिए होर्मुज

जाबेर ने कहा कि होर्मुज तुरंत खोला जाना चाहिए और तेल-गैस उत्पादकों को अपना प्रोडक्शन बढ़ाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘ADNOC में हमने कुछ कार्गो लोड किए हैं और हमें जो नुकसान हुआ है, उसे देखते हुए हम उत्पादन बढ़ाएंगे.’

उन्होंने कहा, ‘होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह, बिना शर्त और बिना किसी रोक के खुला होना चाहिए. वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता इसी पर निर्भर है.’ उन्होंने चेतावनी दी कि हर रोज देरी होती जा रही है और इससे सप्लाई प्रभावित हो रही है, तेल की कीमतें बढ़ रही हैं.

जाबेर के मुताबिक, ‘करीब 230 जहाज तेल लेकर तैयार खड़े हैं और उन्हें जल्द से जल्द रवाना होने की अनुमति मिलनी चाहिए. इसी तरह हम पहले से चल रहे आर्थिक झटके को कम कर सकते हैं.’

ईरान ने खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों को बनाया है निशाना

ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में खाड़ी के अमेरिकी सहयोगी देशों के तेल ठिकानों को टार्गेट किया है. इनमें यूएई के अलावा सऊदी अरब, कतर, कुवैत और बहरीन भी शामिल हैं.

जबेर ने तेल-गैस ठिकानों पर ईरानी हमलों को लेकर कहा, ‘हम दोहराते हैं कि नागरिक और ऊर्जा ढांचे पर हुए बड़े और अवैध हमलों के बाद ईरान को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए. ईरान को नुकसान की भरपाई करनी चाहिए.’

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने मार्च में अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के कारण ADNOC को बड़े पैमाने पर उत्पादन रोकना पड़ा, जिससे यूएई का तेल उत्पादन आधे से ज्यादा गिर गया.

यूएई की सरकारी तेल कंपनी उसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. युद्ध से पहले यूएई वैश्विक तेल उत्पादन का करीब 4% उत्पादन करता था.

हालांकि, कम उत्पादन की ADNOC की आय पर ज्यादा असर नहीं हुआ और यह लगभग पिछले साल के बराबर रही. तेल की कीमतों में उछाल ने आय को संभाले रखा और कंपनी ने होर्मुज के अलावा दूसरे रास्तों से तेल की सप्लाई जारी रखी.

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