संयुक्त राज्य अमेरिका (USA), कनाडा और मेक्सिको की सह मेजबानी में होने वाला फीफा वर्ल्ड कप 2026 भारत में ब्रॉडकास्टिंग के मोर्चे पर मुश्किलों का सामना कर रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा ने 2026 और 2030 वर्ल्ड कप के मीडिया राइट्स की कीमत को करीब 65 प्रतिशत घटाकर 100 मिलियन डॉलर से 35 मिलियन डॉलर कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद भारतीय ब्रॉडकास्टर्स ने रुचि नहीं दिखाई है

यह स्थिति 2022 में कतर में आयोति फीफा वर्ल्ड कप से बिल्कुल अलग है, जहां वायकॉम 18 (Viacom18) ने एक ही संस्करण के लिए लगभग 62 मिलियन डॉलर खर्च किए थे. इस बार टूर्नामेंट उत्तरी अमेरिका में हो रहा है, जिसके चलते भारत में मैच रात 12 बजे से सुबह 7 बजे के बीच दिखाए जाएंगे. इससे टीवी और डिजिटल व्यूअरशिप पर बड़ा असर पड़ सकता है.

भारत में फुटबॉल का विज्ञापन बाजार उतना मजबूत नहीं है. रियल-मनी गेमिंग (RMG) पर बैन ने स्पॉन्सरशिप बजट और कम कर दिया है. स्टार इंडिया (Star India) और Viacom18 के मर्जर के बाद बनी नई कंपनी जियोस्टार (JioStar) बाजार में लीड कर रही है. लेकिन जियोस्टार की वैल्यूएशन करीब 25 मिलियन डॉलर है, जो फीफा की मांग से कम है.

..तो फीफा करेगा मैचों की स्ट्रीमिंग!
फीफा वर्ल्ड कप 2022 को भारत में 10 मिलियन डिजिटल व्यूअर्स मिले थे. वहीं 32 मिलियन लोगों ने अर्जेंटीन और फ्रांस के बीच खेले गए फाइनल को देखा था. यानी भारत अभी भी फुटबॉल के लिए एक बड़ा मार्केट है. संभावना है कि फीफा और जियोस्टार के बीच बाद में डील हो जाए. सोनी (Sony) भी विकल्प है, लेकिन इसकी संभावना कम है. छोटे प्लेटफॉर्म जैसे फैनकोड (FanCode) या यूरोस्पोर्ट (Eurosport) भी रेस में आ सकते हैं. अगर कोई डील नहीं होती, तो फीफा अपने प्लेटफॉर्म FIFA+ पर मैच स्ट्रीम कर सकता है

फीफा वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए भारत में ब्रॉडकास्टर ना मिलना यह दिखाता है कि सिर्फ लोकप्रियता ही नहीं, बल्कि टाइमिंग, विज्ञापन और मार्केट स्ट्रक्चर भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं. अब नजर इस बात पर है कि क्या फीफा मीडिया राइट्स के लिए कीमत और घटाएगा या भारत में वर्ल्ड कप देखने का तरीका ही बदल जाएगा.

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