लेबनान पर फंसा युद्धविराम, क्या ईरान तोड़ेगा सीजफायर? देखें ब्लैक एंड व्हाइट
आज सबसे पहले आपको अमेरिका और ईरान के बीच हुए 14 दिन के उस सीजफायर के बारे में बताएंगे जो मात्र 14 घंटे में ही वेंटिलेटर पर पहुंच गया. अब इस ‘सीजफायर’ को बार-बार वेंटिलेटर से उठाने की कोशिशें हो रही हैं. लेकिन इजरायल ने जिस तरह शहबाज शरीफ के इस सीजफायर पर बमबारी की है. उससे इसका वेंटिलेटर से उठना लगभग नामुमकिन ही लग रहा है. और ऐसा लग रहा है कि ये जल्द ही दम तोड़ देगा. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जब सीजफायर का प्रस्ताव सोशल मीडिया पर ‘कॉपी-पेस्ट’ और उसके बाद ‘एडिट’ किया था. तो उसमें साफ तौर पर लिखा था कि इस सीजफायर में ‘लेबनान’ भी शामिल है. और इस पर अमेरिका-ईरान और उनके सहयोगी भी सहमत हो गए हैं. लेकिन इजरायल ने बिना देरी पाकिस्तान को उसकी सही जगह दिखाते हुए ‘मिसाइल संदेश’ से पूछ लिया है कि तुम कौन होते हो इजरायल को बमबारी से रोकने वाले? और फिर इजरायल ने लेबनान में जो बारूद बरसाया. उसे पूरा लेबनान थर्रा उठा। मात्र 10 मिनट में 100 ठिकानों को टारगेट करते हुए इजरायल ने लेबनान के ढाई सौ से ज्यादा लोगों को मार दिया. और फिर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का ‘सीजफायर प्रस्ताव’ में लेबनान वाली लाइन को हाइलाइट करते हुए पूछा- ‘कहो शाहबाज मियां, क्या हुआ’? और फिर ईरान ने कह दिया कि अगर लेबनान पर हमले होते रहे तो इसका कड़ा जवाब मिलेगा. और उसकी उंगली अभी भी ट्रिगर पर है. इसके साथ ही ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ को फिर से बंद कर दिया. अमेरिका ने भी कह दिया कि ट्रंप ने ईरान की 10 शर्तें कूड़ेदान में डाल दीं. और अब फिर से हालात भयानक जंग के बन चुके हैं. सोचिये जब पाकिस्तान जैसा आतंकी देश ‘शांतिदूत’ होगा तो क्या लेबनान लहूलुहान नहीं होगा? तभी तो शहबाज शरीफ के ‘झांसे’ में लेबनान के 254 लोग मारे गए! और अब पाकिस्तान ‘जगहंसाई’ के बाद ‘तुरपाई’ में लगा है.

