सीजफायर के बाद पहले तेल टैंकर ने पार किया होर्मुज, UAE से आ रहा भारत – iran usa ceasefire non iranian oil tanker crosses hormuz strait india oil supply wdrk

ByCrank10

April 9, 2026 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,


ईरान और अमेरिका के बीच नाजुक सीजफायर लागू होने के बाद पहली बार किसी गैर-ईरानी तेल टैंकर ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार किया है. ईरान ने सीजफायर के बाद भारत आ रहे एक तेल टैंकर को होर्मुज से निकलने की इजाजत दी है. यह तेल संयुक्त अरब अमीरात से भारत आ रहा है.

समाचार एजेंसी एएफपी ने मरीन ट्रैफिक के डेटा के हवाले से यह जानकारी दी है. गैबॉन के झंडे वाला तेल टैंकर ‘MSG’ इस अहम जलमार्ग से होकर गुजरा है. समुद्री निगरानी संस्था के मुताबिक, यह टैंकर करीब 7,000 टन यूएई का फ्यूल ऑयल लेकर भारत के एजिस पीपावाव बंदरगाह की तरफ जा रहा है. यह बंदरगाह गुजरात में स्थित है.

इस महत्वपूर्ण शिपिंग रूट से सीमित आवाजाही शुरू हो गई है जो संकेत है कि दो हफ्ते के युद्धविराम के लागू होने के बावजूद यह मार्ग अभी पूरी तरह से सामान्य नहीं हुआ है.

मरीन ट्रैफिक के मालिक डेटा एनालिटिक्स फर्म केप्लर के अनुसार, सीजफायर के बाद अब तक सिर्फ दो अन्य टैंकर, जो दोनों ईरानी झंडे वाले थे, होर्मुज से गुजरे हैं. छह बल्क कैरियरों ने भी होर्मुज पार किया है.

सीजफायर के बावजूद, नाजुक बनी हुई है होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति

अमेरिका और ईरान के बीच घोषित दो सप्ताह के युद्धविराम के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है. विश्व के तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा यहां से गुजरता है. यह रास्ता अभी भी पूरी तरह खुला नहीं है जिससे वैश्विक तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गईं.

ईरान ने युद्धविराम की शर्त के तहत जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति देने का वादा किया था, लेकिन व्यावहारिक रूप में आवाजाही बेहद सीमित रही है. ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूली की प्लानिंग में भी है.

इसे लेकर हो रही आलोचनाओं पर उसका तर्क है कि स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को वो सुरक्षा देता है जिसके बदले में टोल वसूलना जायज है.

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