सावधान! AI के रडार पर हैं ये 10 नौकरियां, सैम ऑल्टमैन ने बताया- क्यों अब पहले जैसा नहीं रहेगा आपका करियर  – artificial intelligence jobs transformation automation risk sam altman edmm


आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर अब चर्चा इस पर नहीं है कि यह नौकरियां बदलेगा या नहीं, बल्कि इस पर है कि यह बदलाव कितनी तेजी से आएगा. हाल ही में एक इंटरव्यू में सैम ऑल्टमैन ने कहा कि दुनिया कंप्यूटिंग के एक ऐसे नए युग में प्रवेश कर चुकी है, जहां मशीनें सिर्फ इंसानों की मदद नहीं कर रहीं, बल्कि काम करने के तरीके को ही बदल रही हैं. वहीं, एंथ्रोपिक के ताजा डेटा से पता चलता है कि जहां नए मौके मिल सकते हैं, वहीं कई मौजूदा भूमिकाओं पर ऑटोमेशन का खतरा मंडरा रहा है.

ऑल्टमैन ने ‘एक्सियोस’ से बातचीत में संकेत दिया कि यह बदलाव उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से हो रहा है. उन्होंने कहा, ‘हम एजीआई (AGI) के इतने करीब हैं कि अब इसकी सटीक परिभाषा मायने रखती है.’ उनके अनुसार, AI अब ‘नया वैज्ञानिक ज्ञान’ खोजने और ‘बड़े पैमाने पर गंभीर आर्थिक कार्य’ करने में सक्षम है. ऑल्टमैन का मानना है कि कोडिंग जैसी फील्ड 2025 की शुरुआत के मुकाबले अब पूरी तरह बदल चुकी है. हालांकि उन्होंने यह नहीं कहा कि नौकरियां रातों-रात खत्म हो जाएंगी, लेकिन उनके कमेंट्स बताते हैं कि दोहराव वाले और स्ट्रक्चर्ड काम अब AI के हवाले हो रहे हैं.

बढ़ते डर के बावजूद, ऑल्टमैन का मानना है कि AI इंसानों की जगह नहीं लेगा, बल्कि श्रम और टेक्नोलॉजी के बीच एक नया संतुलन बनाएगा. उन्होंने स्वीकार किया कि ‘नई नौकरियां पैदा होंगी,’ लेकिन समाज को यह सोचने की जरूरत होगी कि अगर AI पूंजी (capital) को श्रम से ज्यादा ताकतवर बना देता है, तो आर्थिक मूल्य का वितरण कैसे हो.

एंथ्रोपिक का डेटा: ये 10 करियर AI के रडार पर

सैम ऑल्टमैन के आशावाद के बीच एंथ्रोपिक का डेटा जमीन हकीकत बयां कर रहा है. कंपनी ने उन कामों का विश्लेषण किया जो AI पहले से ही कर रहा है. लिस्ट में ये 10 करियर सबसे ज्यादा ‘एक्सपोज्ड’ (असुरक्षित) पाए गए हैं:

कंप्यूटर प्रोग्रामर (74.5%): कोड लिखना और मेंटेन करना अब AI टूल्स के लिए आसान हो गया है.
कस्टमर सर्विस रिप्रेजेंटेटिव (70%+): चैटबॉट्स अब शिकायतों और ऑर्डर प्रोसेसिंग को बखूबी संभाल रहे हैं.
डाटा एंट्री रोल्स (67.1%): दोहराव वाले इन कामों को AI तेजी से और बिना गलती के कर रहा है.
मेडिकल रिकॉर्ड स्पेशलिस्ट: मरीजों के डेटा को व्यवस्थित करने में AI अब माहिर हो चुका है.
मार्केट रिसर्च एनालिस्ट (64.8%): डेटा का विश्लेषण और रिपोर्ट तैयार करने का काम अब ऑटोमेशन की ओर है.
मार्केटिंग स्पेशलिस्ट: मार्केटिंग कैंपेन और डेटा हैंडलिंग में AI का दखल बढ़ा है.
होलसेल और मैन्युफैक्चरिंग सेल्स: ऑर्डर मैनेजमेंट में ऑटोमेशन टूल्स का इस्तेमाल बढ़ रहा है.
फाइनेंशियल एनालिस्ट (57%+): वित्तीय डेटा के विश्लेषण में भी AI अब इंसानों को टक्कर दे रहा है.
सॉफ्टवेयर टेस्टर (52%): क्वालिटी एश्योरेंस का काम अब ऑटोमेटेड टूल्स संभाल रहे हैं.
साइबर सिक्योरिटी और आईटी सपोर्ट: हालांकि यहां खतरा थोड़ा कम है, लेकिन ऑटोमेशन का असर दिखना शुरू हो गया है.

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