पैरेंट्स स्कूली किताबों के साथ अब महंगी स्टेशनरी खरीदने मजबूर, देखें ग्राउंड रिपोर्ट
लखनऊ के नामी प्राइवेट स्कूलों ने शिक्षा के मंदिर को उगाही का केंद्र बना दिया है. किताबों के साथ अब अभिभावकों को महंगे दाम पर स्टेशनरी खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है. नर्सरी के बच्चे को किस कंपनी की चॉक से लिखना है और नौवीं के छात्र को किस ब्रांड का गलू इस्तेमाल करना है, यह भी स्कूल तय कर रहे है. कॉपियों का जो सेट खुले बाजार में 500 से 600 रुपये में है, स्कूल के फिक्स्ड स्टोर पर उसके लिए 3 से 4 हजार तक वसूले जा रहे है. देखें ग्राउंड रिपोर्ट.

