2030ऑफिसरोबोटाईपार्टनरशिपमैकिन्सेरिपोर्ट – 2030 ऑफिस रोबोट एआई पार्टनरशिप मैकिन्से रिपोर्ट मानव भूमिका वृद्धि ईडीएमएम


क्या आपने कभी कल्पना की है कि आपके ऑफिस में आपके बगल वाली डेस्क पर कोई इंसान नहीं, बल्कि एक ‘ह्यूमनॉइड रोबोट’ बैठा होगा? या आपकी ईमेल और रिपोर्ट्स को कोई एआई (AI) एजेंट आपकी पसंद के हिसाब से तैयार कर रहा होगा? यह कोई साइंस-फिक्शन फिल्म की कहानी नहीं, बल्कि मैकिन्से रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक के ऑफिस की हकीकत होने वाली है.

दिग्गज कंसल्टिंग फर्म मैकिन्से ग्लोबल इंस्टीट्यूट (MGI) की ताजा रिपोर्ट ‘एजेंट, रोबोट और हम‘ ने भविष्य के वर्क-कल्चर को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले समय में काम इंसान बनाम मशीन नहीं, बल्कि इंसान और मशीन की ‘पार्टनरशिप’ के रूप में देखा जाएगा.

$2.9 ट्रिलियन की इकोनॉमी और नया वर्क-कल्चर
रिपोर्ट का दावा है कि अगर कंपनियां अपने काम करने के पुराने ढर्रे को बदलकर इंसानों, एआई एजेंट्स और रोबोट्स को एक साथ जोड़ती हैं, तो साल 2030 तक अकेले अमेरिका में 2.9 ट्रिलियन डॉलर यानी ₹268.78 लाख करोड़ का अतिरिक्त आर्थिक फायदा हो सकता है. अब ऑफिस में केवल ‘काम करना’ काफी नहीं होगा, बल्कि मशीनों को निर्देश देना यानी ‘प्रॉम्प्ट’ भविष्य की नई वैश्विक भाषा बन जाएगी.

भविष्य में कैसे होगा काम?

मैकिन्से ने अपनी रिपोर्ट में ‘सोलर फार्म’ और ‘स्टोर’ के उदाहरणों से समझाया है कि भविष्य में वर्कफ़्लो कैसे बदल जाएगा:

सोलर फार्म (इंस्पेक्शन और रिपेयर)
आने वाले समय में सोलर फार्म जैसे मुश्किल इलाकों में इंसान खुद रिपेयरिंग के लिए नहीं जाएगा. यहाँ ड्रोन और रोवर्स (Robots) इंस्पेक्शन करेंगे. एआई एजेंट खराब होने वाले पुर्जों की भविष्यवाणी करेगा और इंसान केवल एक ‘सुपरवाइजर’ की तरह टैबलेट पर बैठकर रिपेयरिंग के अंतिम फैसले लेगा. यानी जोखिम भरा काम रोबोट का और दिमागी फैसला इंसान का.

मैकिन्से ग्लोबल इंस्टीट्यूट (2025) रिपोर्ट से प्राप्त अंश

रिटेल स्टोर (ऑर्डर फुलफिलमेंट)
किसी बड़े स्टोर में अब भारी सामान उठाना या इन्वेंट्री चेक करना इंसान का काम नहीं होगा. ह्यूमनॉइड रोबोट ग्राहकों के लिए सामान लाएंगे और भारी मटीरियल को मशीनी हाथ (Manipulator) उठाएंगे. यहां इंसान यानी स्टोर मैनेजर का काम मशीनी डेटा का उपयोग करके ग्राहक को बेहतर सलाह देना और उनके साथ ‘पर्सनल कनेक्ट’ बनाना होगा.

सैलरी और स्किल्स पर क्या होगा असर?
रिपोर्ट में सबसे राहत देने वाली बात यह है कि इंसान के 70% स्किल्स आज भी प्रासंगिक बने रहेंगे. हालांकि, ‘AI Fluency’ (AI का उपयोग करने की क्षमता) की मांग पिछले 2 साल में 7 गुना (700%) बढ़ी है.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *