मथुरा के वृंदावन में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया. दोपहर 2:45 बजे के करीब श्रीबांके बिहार मंदिर से करीब ढाई किमी की दूरी पर स्थित केशी घाट के पास पर्यटकों से भरा एक स्टीमर पोंटून पुल से टकराने के बाद यमुना नदी में पलट गया. स्टीमर में 30 से अधिक लोग सवार थे, जो नदी में गिर गए. इनमें से 10 लोगों की डूबकर मौत हो गई, जबकि 22 को बचा लिया गया. अब भी कुछ लोग नदी में लापता हैं और उनकी तलाश की जा रही है.
मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि स्टीमर में सवार लोग पंजाब के लुधियाना के रहने वाले हैं. स्थानीय गोताखोर गुलाब ने इस हादसे के लिए तेज हवा को जिम्मेदार ठहराया. उसने आजतक से बातचीत में कहा, ‘तेज हवा चल रही थी. यमुना नदी के बीच में स्टीमर अचानक तेज हवा से डगमगाने लगा और उसकी स्पीड भी बढ़ गई. देखते ही देखते स्टीमर पीपा पुल (पांटून पुल) से टकराकर नदी में पलट गया और उसमें सवार सभी लोग गहरे पानी में गिर गए.’
मथुरा जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स और नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स की टीमें, स्थानीय पुलिस करीब और 50 स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में लापता लोगों की तलाश कर रही हैं. मथुरा के डीआईजी शैलेश कुमार पांडे ने बताया कि दुर्घटना का प्रारंभिक कारण यह प्रतीत होता है कि नाव पोंटून पुल से टकरा गई, जिससे यह हादसा हुआ.
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उन्होंने बताया कि घटनास्थल से दस शव बरामद किए गए हैं. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर डिपार्टमेंट और पुलिस की टीमें, स्थानीय गोताखोरों और नाविकों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्यों में सक्रिय रूप से लगी हुई हैं. लापता लोगों की तलाश जारी है. मथुरा ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने कहा कि केशी घाट के पास यमुना नदी के एक हिस्से में नाव डूब गई है. अब तक 22 लोगों को नदी से बाहर निकाला जा चुका है.
उन्होंने कहा, ‘बचाए गए लोगों को एम्बुलेंस और पुलिस वाहन (पीआरवी) की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. हम फिलहाल स्थिति का जायजा ले रहे हैं ताकि पता चल सके कि कितने लोग सुरक्षित हैं और कितने लोगों की जान गई है… यहां एक पोंटून पुल है. चूंकि यह पुल जर्जर हालत में था, इसलिए एक एजेंसी पोंटूनों की मरम्मत का काम कर रही थी. आशंका है कि यह दुर्घटना इसी मरम्मत कार्य के दौरान स्टीमर के पोंटून से टकराकर पलटने के कारण हुई.’
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