वृंदावन में शुक्रवार (10 अप्रैल) को हुए नाव हादसे ने पंजाब के मोगा जिले के एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गया. जानकारी के अनुसार, जगराओं से मोगा का हंस परिवार अपने रिश्तेदारों के साथ 9 अप्रैल को घूमने के लिए वृंदावन आया था और 10 अप्रैल को दोपहर करीब 12 बजे यहां पहुंचा. हादसे के समय परिवार के सदस्य दो अलग-अलग नावों में सवार थे.
एक नाव में सपना हंस, रीमा हंस और सरोज रानी सवार थीं, जबकि दूसरी नाव में अनिल हंस और उनकी भतीजी नेहा हंस अन्य लोगों के साथ मौजूद थे. अचानक हुए इस हादसे में एक नाव हादसे का शिकार हो गई, जिससे परिवार में अफरा-तफरी मच गई.
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इस हादसे में नाव में सवार सपना हंस (करीब 50-55 वर्ष) की मौत हो गई. वहीं, रीमा हंस और सरोज रानी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. दूसरी नाव में सवार अनिल हंस और नेहा हंस पूरी तरह सुरक्षित हैं.
सालगिरह के दो दिन बाद मातम
परिवार के लिए यह हादसा इसलिए और भी दर्दनाक बन गया क्योंकि 8 अप्रैल को ही सपना हंस और अनिल हंस की शादी की सालगिरह थी. खुशियों के माहौल के बीच महज दो दिन बाद ही यह दुखद घटना हो गई, जिससे पूरे परिवार में शोक की लहर फैल गई.

मृतक सपना हंस के देवर ट्विंकल हंस ने बताया कि उनके बड़े भाई अनिल हंस और भाभी की 8 अप्रैल को शादी की सालगिरह थी. उन्होंने कहा कि किसी को अंदाजा नहीं था कि परिवार के साथ इतनी बड़ी अनहोनी हो जाएगी.
ट्विंकल हंस ने बताया कि वह भी वृंदावन जाने वाले थे, लेकिन किसी कारणवश समय पर नहीं जा सके. वहीं उनकी पत्नी और भतीजी इस यात्रा में शामिल थीं.
परिवार के सदस्य वृंदावन के लिए रवाना
मृतक सपना हंस के दो बेटे हैं, जिनमें एक विदेश में रहता है और दूसरा दिल्ली में रहता है. घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली में रह रहा उनका बेटा तुरंत वृंदावन के लिए रवाना हो गया.
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हादसे के समय उनकी भतीजी नेहा और उनका भाई दूसरी नाव में सवार थे, जिससे वे सुरक्षित बच गए. घटना की सूचना मिलते ही परिवार के अन्य सदस्य मोगा से वृंदावन के लिए रवाना हो चुके हैं. इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है. बता दें कि वृंदावन के केशी घाट के पास यमुना नदी में पर्यटकों से भरी नाव पोंटून पुल से टकराकर पलट गई थी. नाव में 30 से अधिक लोग सवार थे जो नदी में गिर गए, जिनमें से 10 की मौत हो गई, जबकि 22 को बचा लिया गया है.
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रिपोर्ट- तन्मय सामंथा.

