उत्तर प्रदेश में आतंकवाद विरोधी एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है.यूपी एटीएस और एसटीएफ ने संदिग्ध आतंकी नेटवर्क का खुलासा करते हुए कई अहम गिरफ्तारियां की हैं. इस कार्रवाई के तहत बिजनौर से उवैद मलिक और जलाल हैदर उर्फ समीर को पकड़ा गया है, जबकि दो अन्य आरोपी—मैजुल (दक्षिण अफ्रीका) और आजाद (सऊदी अरब)—फरार हैं. जिनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है.
देश में अस्थिरता फैलाने के इरादे से काम कर रहे थे आरोपी
जांच एजेंसियों के मुताबिक यह नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए सक्रिय था. आरोपी दुबई में बैठे आकिब के संपर्क में आकर कट्टरपंथ की ओर आकर्षित हुए और देश में हिंसक गतिविधियों की साजिश रचने लगे. पूछताछ में सामने आया कि ये लोग न केवल नेटवर्क को विस्तार देने की योजना बना रहे थे, बल्कि देश में अस्थिरता फैलाने के इरादे से काम कर रहे थे.
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इससे पहले 2 अप्रैल को एटीएस ने मेरठ और गौतमबुद्धनगर से चार अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया था. जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सभी आरोपी मिलकर लखनऊ रेलवे स्टेशन पर विस्फोट की साजिश तैयार कर रहे थे. सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते कार्रवाई कर इस बड़ी घटना को टाल दिया.
आकिब के थे अंतरराष्ट्रीय संपर्क
आकिब के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है. बताया जा रहा है कि वह दुबई में बैठकर पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था. नवंबर 2025 में एक वायरल वीडियो में आकिब और उसके साथियों द्वारा AK-47 और ग्रेनेड का प्रदर्शन किया गया था, जिससे एजेंसियों को पहले भी शक हुआ था. हालांकि उस समय मामले में एफआर लगा दी गई थी, लेकिन नए साक्ष्यों के आधार पर केस को दोबारा खोला गया.
फिलहाल, आरोपियों के पासपोर्ट निरस्त करने की प्रक्रिया जारी है और नजीबाबाद के समीर उर्फ रुहान की तलाश तेज कर दी गई है. एटीएस का दावा है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
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