‘शादी के लिए कोई बेटी नहीं देगा…’ मच्छरों के आतंक से परेशान हुआ ये गांव – Rajkot Residents of Veja village troubled due to mosquitoes people are panic lcly


राजकोट का वेजा गांव इस समय एक ऐसी अजीब और गंभीर समस्या का सामना कर रहा है, जिसे सुनकर प्रशासन की आंखें खुल जानी चाहिए. गांव में मच्छरों का प्रकोप इतना बढ़ गया है कि अब रात के समय लोगों का गांव में रहना मुश्किल हो गया है. वेजा गांव से गुजरने वाली नदी में जलकुंभी का साम्राज्य इतना फैल गया है कि पूरी नदी में सिर्फ जलकुंभी ही दिखाई देती है. इस जलकुंभी के फैलने का मुख्य कारण गंदा और प्रदूषित पानी है.

यह जलकुंभी मच्छरों के पनपने के लिए बेहद अनुकूल है, जिससे बड़ी संख्या में मच्छर पैदा हो रहे हैं. दिन के समय ये मच्छर जलकुंभी में रहते हैं और रात होते ही बाहर निकलकर गांव में घुस जाते हैं. मच्छरों की संख्या करोड़ों में होगी, ऐसा कहना भी अतिशयोक्ति नहीं होगी, क्योंकि झुंड के झुंड गांव में आ जाते हैं.

मेहमान भी शाम होते ही भाग जाते हैं
स्थानीय लोगों के अनुसार अगर कोई मेहमान या रिश्तेदार गांव में आता है तो वह शाम होते ही वापस चला जाता है, क्योंकि बाहरी लोगों के लिए इन मच्छरों के बीच रात बिताना असंभव है. मच्छर इतनी बड़ी संख्या में होते हैं कि गांव की सड़कों पर निकलने पर मुंह, नाक और कान में भी घुस जाते हैं. इस स्थिति के कारण ग्रामीण बेहद लाचार महसूस कर रहे हैं.

ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण यहां पशुओं की संख्या भी अधिक है. ग्रामीणों को अपने पशुओं को मच्छरों से बचाने के लिए उन्हें मच्छरदानी में रखना पड़ रहा है. इसके लिए उन्होंने बड़ी-बड़ी मच्छरदानियां तैयार की हैं. ग्रामीणों का दावा है कि मच्छरों के काटने से पशु बीमार पड़ जाते हैं और दूध देना भी बंद कर देते हैं.

इस गांव की भौगोलिक स्थिति भी ऐसी है कि आधा गांव राजकोट महानगर निगम के अंतर्गत आता है, जबकि आधा गांव RUDA (राजकोट अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी) के तहत आता है. उपसरपंच ने बताया कि उन्होंने दोनों जगहों पर शिकायत की, लेकिन दोनों संस्थाएं एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रही हैं. उपसरपंच ने यह भी दावा किया कि यदि ऐसी ही स्थिति बनी रही तो गांव के युवाओं को शादी के लिए कोई लड़की नहीं मिलेगी.

मामले में राजकोट महानगर निगम के कमिश्नर का आया बयान
इस मुद्दे पर राजकोट महानगर निगम के कमिश्नर से आजतक संवाददाता ने बातचीत की. चुनाव के चलते उन्होंने ऑन कैमरा कोई घोषणा करने से इनकार किया, लेकिन समस्या के समाधान के लिए एक्शन प्लान बताया. उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर समस्या है.

जलकुंभी इतनी तेजी से फैलती है कि मशीन से हटाने के बाद भी कुछ ही दिनों में फिर फैल जाती है. इसलिए राजकोट महानगर पालिका ने लखनऊ म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन से संपर्क किया है, क्योंकि उन्होंने गोमती नदी से इस समस्या को सफलतापूर्वक हटाया है. वहां ट्रैश अरेस्टर तकनीक से जलकुंभी को हटाने में सफलता मिली है. अब राजकोट में भी चुनाव के बाद इसी तकनीक का उपयोग कर जलकुंभी की समस्या को दूर किया जाएगा.

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