पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच एक बहुत बड़ी बातचीत शुरू हो गई है. यह 1979 के बाद दोनों देशों के बीच सबसे ऊंचे स्तर की सीधी बातचीत है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और खास दूत स्टीव विटकॉफ एक अमेरिकी वायुसेना के विमान में पाकिस्तान पहुंचे.

1979 में ईरान में एक बड़ी क्रांति हुई थी जिसमें वहां की सरकार पलट गई और एक इस्लामिक गणराज्य बना. उसके बाद से अमेरिका और ईरान के बीच कोई सीधी आधिकारिक बात नहीं हुई. दोनों देश एक-दूसरे के दुश्मन की तरह रहे. इसलिए आज की यह बातचीत इतिहास में दर्ज होने वाली है.

वेंस का विमान कैसे आया?

जब यह विमान पाकिस्तान की हवाई सीमा में घुसा तो पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमानों ने इसे सुरक्षा घेरा देते हुए नूर खान एयरबेस तक पहुंचाया. यह एक खास और बड़ा इशारा था कि पाकिस्तान इस बातचीत को कितनी अहमियत दे रहा है.

ईरान की टीम में कौन है?

ईरान की तरफ से संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गलीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस बातचीत की अगुआई कर रहे हैं.

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पाकिस्तान की क्या भूमिका है?

पाकिस्तान इस बातचीत में बीच का काम कर रहा है यानी दोनों देशों को एक जगह लाने में मदद की है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने दोनों देशों से अपील की कि वो खुले दिल से बातचीत करें और एक टिकाऊ समाधान खोजें.

ईरान ने भरोसे पर क्या कहा?

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालीबाफ ने ईरानी सरकारी मीडिया से कहा कि हमारी नीयत अच्छी है लेकिन हम अमेरिका पर भरोसा नहीं करते. उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत का हमारा अनुभव हमेशा निराशाजनक रहा है और अमेरिका ने हर बार वादे तोड़े हैं.

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