ईरान और अमेरिका के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों की मेज़बानी पाकिस्तान कर रहा है. दोनों ही विरोधी पक्ष एक ऐसे फ्रेमवर्क पर सहमत होने की कोशिश कर रहे हैं, जो मौजूदा अस्थायी संघर्ष-विराम को मध्य-पूर्व में स्थायी शांति में बदल सके. इसमें पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. यह वार्ता इस्लामाबाद के आलीशान पांच-सितारा सेरेना होटल में हो रही है. यह होटल पाकिस्तान के सबसे जाने-माने पांच-सितारा होटलों में से एक है और अक्सर हाई-लेवल कूटनीतिक मुलाकातों के लिए एक स्थल के तौर पर इस्तेमाल होता है. यह इस्लामाबाद के अति-सुरक्षित ‘रेड ज़ोन’ में स्थित है, जहां सरकार के कई अहम दफ़्तर और विदेशी दूतावास भी मौजूद हैं.

मारगल्ला पहाड़ियों और रावल झील के पास, सुंदर बगीचों के बीच फैला इस्लामाबाद सेरेना होटल, पारंपरिक इस्लामी वास्तुकला और आधुनिक विलासिता का एक बेहतरीन मेल है. इसके 15 एकड़ के परिसर में 400 से ज़्यादा कमरे, कई बैंक्वेट हॉल, कॉन्फ्रेंस रूम और एक ऑफ़िस कॉम्प्लेक्स शामिल हैं.

इस होटल में एक ही वक्त में सैकड़ों मेहमानों के ठहरने की व्यवस्था है. ईरान और अमेरिका के बीच चल रही इस आमने-सामने की बातचीत के लिए, इस आलीशान होटल की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु हज़ारों सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, जिसमें अर्धसैनिक बल और सेना के जवान भी शामिल हैं. इस जगह की सुरक्षा को और भी ज़्यादा मज़बूत करना इसलिए भी ज़रूरी था, क्योंकि पास के ही मैरियट होटल में साल 2008 में इस्लामाबाद का अब तक का सबसे भीषण आतंकवादी हमला हुआ था.

सेरेना होटल ही क्यों चुना गया?

सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस्लामाबाद सेरेना होटल का खूबसूरत परिसर और मूरिश वास्तुकला एक बेहद चुस्त-दुरुस्त सुरक्षा व्यवस्था को छिपाए हुए है. उन्होंने इसकी रणनीतिक स्थिति की ओर इशारा किया, जो राजनयिक क्षेत्र के करीब है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इस्लामाबाद के पूर्व पुलिस प्रमुख ताहिर आलम खान ने कहा, “इसका सिक्योरिटी स्टाफ बहुत अच्छी तरह से प्रशिक्षित है, क्योंकि उनमें से ज़्यादातर लोग रिटायर्ड सुरक्षा अधिकारी हैं.” उन्होंने एंट्री और एग्जिट गेट्स की बनावट को भी एक बड़े कारण के रूप में रेखांकित किया. यह बनावट होटल को बाहरी घेरे (पेरीमीटर) में किसी भी तरह की सेंध लगने की स्थिति में भी एक सुरक्षित जगह बनाती है.

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पूर्व पुलिस अधिकारी ने कहा, “प्रवेश और निकास द्वार मुख्य परिसर से पर्याप्त दूरी पर स्थित हैं, जिससे इसकी सुरक्षा और भी बढ़ जाती है. सबसे बड़ी वजह यह है कि प्रधानमंत्री आवास और संसद भवन जैसी जरूरी जगहों से यहां तक पहुंच बहुत ही आसान है.”

एक और पूर्व पुलिस प्रमुख कलीम इमाम ने रॉयटर्स को बताया कि सेरेना होटल में “कई लेवल की सिक्योरिटी जांच होती है. होटल मैनेजमेंट का देश की सुरक्षा एजेंसियों के साथ भी मज़बूत तालमेल है.

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