नौकरी चली गई… फिर भी मिलता रहेगा PF पर ब्‍याज? जान लीजिए ये नियम – EPFO Rules PF Interest Rates Continue after Job Left tutd


प्राइवेट सेक्‍टर के कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर ईपीएफ की ओर से फंड तैयार किया जाता है, जो आपके वेतन कटौती का एक हिस्‍सा होता है. हर महीने एक छोटा अमाउंट रिटायरमेंट पर एक बड़ा फंड बन जाता है. साथ ही सरकार इसपर ब्‍याज भी देती है, जो हर साल प्राइवेट सेक्‍टर के कर्मचारियों के खाते में जमा कर दिया जाता है.

ये फंड ईपीएफओ की ओर से मैनेज किया जाता है, जिसे मैनेज करने के लिए कुछ नियम भी बनाया गया है, ताकि आपका रिटायरमेंट फंड प्रभावित ना हो और आपकी आर्थिक सुरक्षा बनी रहे. इसी में से एक नियम ईपीएफओ की ओर से ब्‍याज को लेकर भी बनाया गया है.

अगर आपकी नौकरी चली जाती है या आप नौकरी छोड़ देते हैं तो भी ईपीएफओ की ओर से ब्‍याज का पैसा आपके खाते में आता रहता है, लेकिन इसकी कुछ शर्तें भी हैं. आइए जानते हैं ईपीएफओ ने इस नियम के बारे में क्‍या बताया है.

55 साल से पहले रिटायर्ड होने पर नियम
अगर कोई व्‍यक्ति 55 सालों की आयु से पहले पीएफ में कंट्रीब्‍यूशन देना बंद कर देता है, लेकिन धनराशि नहीं निकालता है तो खाते में ट्रांजैक्‍शन बंद हो जाता है, लेकिन निष्क्रिय नहीं होता है. ऐसे मामलों में बाकी राशि 58 साल की आयु तक ब्‍याज हासिल करती रहती है. यानी आपको 58 साल की आयु तक ब्‍याज मिलता रहता है. यह खासकर उन लोगों के लिए है, जो नौकरी बदलते हैं या जल्‍दी रिटायरमेंट लेना चाहते हैं.

EPFO ने साफ तौर पर कहा है कि 55 साल की आयु से पहले रिटायरमेंट होने वाले सदस्‍यों के अकाउंट पर 58 साल की आयु तक ब्‍याज मिलता रहेगा. उसके बाद अगर कोई विड्रॉल नहीं किया जाता है तो खाता धीरे-धीरे निष्क्रिय हो जाता है और ब्‍याज मिलना बंद हो जाता है.

55 साल के बाद ब्‍याज का नियम
अगर कोई 55 साल या उसके बाद रिटायर्ड होता है तो उसके लिए ब्‍याज देने का थोड़ा अलग नियम है. उनका ईपीएफ खाता रिटायमेंट की डेट से तीन साल तक ब्‍याज अर्जित करता रहेगा. इस अवधि के बाद, अगर कोई गतिविधि नहीं होती है, तो खाता निष्क्रिय माना जाता है और उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है.

एक्‍सपर्ट ने क्या बताया?
वन फाइनेंस में पर्सनल फाइनेंस ट्रेनिंग की प्रमुख अंशी श्रीवास्तव ने कहा कि ईपीएफ खाते में नए योगदान न होने पर भी ब्याज मिलता रहता है, जैसे कि नौकरी छोड़ने के बाद, जब तक सदस्य की आयु 58 वर्ष नहीं हो जाती. यह अनुच्छेद 69(1)(क) में संशोधन से संबंधित 2016 के फैसले के अनुसार है, तीन वर्षों तक कोई योगदान न होने पर खाते 58 वर्ष की आयु से पहले निष्क्रिय नहीं होते हैं. 58 वर्ष की आयु के बाद अगर धनराशि नहीं निकाली जाती है, तो खाता पूरी तरह से निष्क्रिय होने से पहले आमतौर पर 3 और वर्षों तक ब्याज मिलता रहता है.

बता दें वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने 8.25% की ब्याज दर की सिफारिश की है, जिसे वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिलना बाकी है.

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