क्या अमेरिका की मजबूरी है पीस डील? इस्लामाबाद वार्ता पर उठे बड़े सवाल
इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता विफल होने के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि शांति समझौता अब ईरान नहीं, बल्कि अमेरिका की जरूरत बनता जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वैश्विक तेल आपूर्ति, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति और घरेलू राजनीतिक दबाव इसके प्रमुख कारण हैं. हालांकि, परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच गहरी असहमति बनी हुई है, जिससे समझौते की राह मुश्किल दिख रही है.

