बिहार में नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज होने के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं. रविवार को डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी शनिवार को मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान जदयू के कई वरिष्ठ नेता भी वहां मौजूद रहे जो बैठक से पहले ही मुख्यमंत्री आवास पहुंच गए थे. ये मुलाकात ऐसे समय में हो रही है, जब नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और राज्यसभा जाने की चर्चाएं जोरों पर हैं.

नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी की मुलाकात के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री से मिलने बराबर आते हैं. वह कल भी आए थे, आज भी आए थे. आप सभी लोगों को है कि नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है तो स्वाभाविक तौर पर आपस में बातचीत होती है.

‘मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा नहीं’

वहीं, जब उनसे नई सरकार के मंत्रिमंडल को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी मंत्रिमंडल को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है.

संजय झा ने स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार का बिहार में काम खत्म नहीं हुआ है. एनडीए ने 2025 से 2030 के लिए उनके नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा था और उन्हें ही जनादेश मिला था. अब भले ही वह राज्यसभा के जरिए संसद जा रहे हैं, लेकिन नई सरकार का आधार उनकी नीतियां ही होंगी. सत्र के दौरान वह दिल्ली में रहेंगे, लेकिन बिहार उनकी प्राथमिकता बना रहेगा.

BJP की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री के अगले चेहरे को लेकर संजय झा ने कहा कि इस मामले में बीजेपी की अहम भूमिका है. बीजेपी की अपनी एक आंतरिक प्रक्रिया होती है और उनकी अनुशंसा के आधार पर ही एनडीए विधायक दल का नेता चुना जाएगा. जिस व्यक्ति को सभी विधायक मिलकर अपना नेता चुनेंगे, वही प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री बनेगा. इसके लिए बस चंद दिनों का इंतजार और करना होगा.

उन्होंने ये भी कहा कि फिलहाल कैबिनेट की संभावनाओं और नीतीश कुमार के इस्तीफे की टाइमलाइन को लेकर अभी सब कुछ तय नहीं है, लेकिन जल्द ही सारी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है. जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा ने इस मौके पर नीतीश कुमार को लेकर स्पष्ट संदेश दिया.

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