अमेरिका-ईरान की बीच युद्ध थमता नजर नहीं आ रहा है. हालांकि, दो हफ्ते का सीजफायर जरूर हुआ, लेकिन इस बीच पाकिस्तान में हुई अमेरिका-ईरान शांति वार्ता फेल हो गई. ये ग्लोबल टेंशन को फिर से बढ़ाने वाली खबर है. Iran War के चलते होर्मुज स्ट्रेट में आई रुकावट से दुनिया के तमाम देशों में तेल-गैस का भारी संकट पैदा हो गया. भारत में पड़े असर को कम करने के लिए सरकार का प्लान-बी एक्टिव (Modi Govt Plan-B) हो गया और सिर्फ खाड़ी देशों से ही नहीं बल्कि अन्य कई रूट्स से सप्लाई चालू है.
इस बीच पीटीआई की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि US-Iran War के बीच भारत के सबड़े बड़े एलएनजी सप्लायर कतर ने हाथ पीछे खींचे, तो इस सेक्टर की दिग्गज कंपनी शेल पीएलसी (Shell PLC) ने भारत के लिए दरवाजे खोल दिए. ग्लोबल एनर्जी कंपनी ने पश्चिम एशिया संकट के चलते पैदा हुआ सप्लाई चेन में रुकावट के बीच भारत को LNG की आपूर्ति तेज कर दी है.
भारत के लिए टॉप सप्लायर बनी कंपनी
Shell ने फर्टिलाइजर्स सेक्टर के प्रमुख ठेकों के साथ ही स्पॉट और टर्म डिमांड का एक बड़ा हिस्सा हासिल किया है. सूत्रों की मानें, तो पिछले मार्च महीने भारतीय फर्टिलाइजर कंपनियों की थोक एलएनजी खरीद में शेल पीएलसी टॉप सप्लयार बनकर उभरी है. Hormuz Strait बंद होने की वजह से खाड़ी देशों से एलएनजी सप्लाई बाधित होने के बीच सरकार ने यूरिया उत्पादन के लिए कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निविदा जारी की थीं.
इसके तहत शेल ने कुल 6 TBU (ट्रिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट) में से 4 TBU की आपूर्ति हासिल की. न सिर्फ फर्टिलाइजर कंपनियों, बल्कि शेल इंडिया ने अन्य इंडस्ट्रियल यूजर और रिटेल विक्रेताओं को भी गैस की आपूर्ति की है.
शेल के पास 65 जहाजों का बेड़ा
गौरतलब है कि भारत अपनी नेचुरल गैस की लगभग आधी जरूरतों को आयात के जरिये पूरा करता है. इसका उपयोग फर्टिलाइजर प्रोडक्शन, एनर्जी प्रोडक्शन, ट्रांसपोर्टेशन के लिए CNG, घरों में पाइप्ड गैस (PNG) की सप्लाई के लिए किया जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक, शेल कंपनी के पास 65 से ज्यादा चार्टर्ड जहाजों का बेड़ा मौजूद है.
इस कंपनी ने ऐसे समय में गैस सप्लाई में भारत की मदद की, जबकि देश के सबसे बड़ा एलएनजी सप्लायर ने विपरीत परिस्थितियों के कारण गैस आपूर्ति रोकने की घोषणा कर दी थी.
Middle East War की शुरुआत के बाद कतर के एनर्जी साइट्स पर हुए हमलों के बीच Qatar ने बड़ा कदम उठाते हुए भारत को LNG निर्यात में 40 फीसदी तक कटौती की थी. बता दें कि कतर दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस उत्पादन करने वाला देश है.
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