Asha Bhosle’s Love for Food: आवाज ही नहीं हाथ में भी था हुनर, आशा भोसले को खाने में पसंद थीं ये चीजें – Asha Bhosle favourite food love for Cooking asha bhosle hidden talent cooking passion asha bhosle tvisp

ByCrank10

April 12, 2026 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,


आशा भोसले को खाना पकाने से प्यार: 92 साल की उम्र में आशा भोसले के निधन के बाद कई लोग न सिर्फ उनके संगीत को बल्कि उनकी जिंदगी के उन पहलुओं को भी याद कर रहे हैं जिनके बारे में ज्यादा बात नहीं होती थी और जिसे बहुत कम लोग जानते हैं, वो ये है कि आशा भोसले खाना पकाने को कितनी गंभीरता से लेती थीं. यह उनके लिए सिर्फ एक शौक नहीं था बल्कि समय के साथ उन्होंने इसे एक कारोबार में ढाल लिया था.

यह सब अचानक नहीं हुआ था और न ही उनकी भूमिका किसी रेस्टोरेंट को महज अपना नाम देने तक सीमित थी. इसके पीछे उनकी सक्रिय भागीदारी, पाक कला के प्रति गहरी दिलचस्पी और एक सिस्टिमैटिक अप्रोच रही है.

सिंगिंग के साथ कुकिंग से भी था बेहद प्यार

खाना पकाने में उनकी दिलचस्पी बहुत पुरानी है. उन्होंने एक बार बताया था कि इसकी शुरुआत तब हुई थी जब वो छोटी थीं और अपने पिता के थिएटर ग्रुप के साथ घूमती थीं. अंग्रेजी वेबसाइट TimesNow के अनुसार, पुराने समय को याद करते हुए उन्होंने एक बार कहा था, ‘मेरा बचपन बहुत जादुई था. मैं अपने पिता की थिएटर कंपनी के साथ एक शहर से दूसरे शहर घूमती रहती थी.’

‘कंपनी के सभी लोग हमेशा एक साथ बैठकर खाना खाते थे. मुझे रसोई में गरमा-गरम खाने से भरे बड़े-बड़े बर्तनों के बीच घूमना बहुत पसंद था लेकिन सबसे ज्यादा मुझे खाने वालों के चेहरों पर वो खुशी देखना अच्छा लगता था, जब वो स्वादिष्ट व्यंजनों का मजा लेते थे. यहीं से खाना पकाने के प्रति मेरा प्यार शुरू हुआ.’

संगीत के क्षेत्र में शानदार करियर के बाद भी खाना पकाना उनके लिए ऐसी चीज नहीं थी जिसे उन्होंने पीछे छोड़ दिया हो.

खाने से प्रेम के बाद खड़ा किया कारोबार

आशा भोसले का खाने का शौक सिर्फ उनकी रसोई तक ही सीमित नहीं था. बल्कि उन्होंने इसे अपने हुनर को पहचान के तौर पर विकसित किया और दुनिया भर में रेस्टोरेंट खोले.

2025 में YouTube चैनल ‘Curly Tales’ के साथ एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि पेशावरी ‘मां की दाल’ उनकी खास पसंदीदा थी.

इसके अलावा उन्हें वरण भात, सोल करी जैसी चीजें काफी पसंद थीं.

आशा भोसले ने इंटरव्यू में कहा था कि दुनिया भर में उनके कई रेस्टोरेंट हैं. उन्होंने 2002 में दुबई का वाफी मॉल में अपना पहला इंडियन रेस्टोरेंट खोला था जिसका नाम Asha’s रखा गया था. इसके बाद इस बिजनेस का उन्होंने लगातार विस्तार किया था.

ब्रिटेन के बर्मिंघम में स्थित उनके मिशेलिन-स्टार रेस्ट्रॉन्ट में हॉलीवुड एक्टर टॉम क्रूज भी आए थे.

दुबई के अलावा कुवैत में उनके पांच रेस्टोरेंट हैं. दोहा, कतर, बाहरेन, अबु धाबी जैसे मिडल ईस्ट देशों के साथ ही लंदन और मैनचेस्टर में एक-एक रेस्टोरेंट है जबकि बर्मिंघम में दो आशा रेस्टोरेंट हैं.

खाने से कैसे हुआ प्यार?
उन्होंने अक्सर इस बारे में बात की है कि कैसे उनके रसोई के हुनर ​​अपने आप निखरते गए. उन्होंने अपनी विशिष्ट कुकिंग स्टाइल अपने दोस्तों, सहकर्मियों और दुनिया भर की यात्राओं के दौरान मिले आम लोगों से सीखी है.

उन्होंने एक बार था, ‘मैं मोमो बनाती हूं जो मुझे माला सिन्हा ने सिखाया है.’

उन्होंने यह भी बताया था कि उन्होंने गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी की पत्नी से लखनवी खाना बनाना सीखा. उन्होंने एक बार कहा था, ‘बंगाल तो मेरा ससुराल बन गया था तो वहां से खाना सीखा.’

आशा ताई का खाना पूरी इंडस्ट्री में था मशहूर
समय के साथ उनकी घर की रसोई फिल्म जगत में मशहूर हो गई. भोसले ने Curly Tales से यह भी कहा था, ‘ मेरी दाल जो है… मां की दाल बोलते हैं ना… वो मैंने पेशावर के लोगों से सीखी है. मेरी जो दाल है कहीं नहीं मिलती है.’

उन्होंने आगे कहा था, ‘पूरी इंडस्ट्री में मेरा खाना फेमस है. मेरे यहां हर हफ्ते 60-70 लोग आते थे. इतने बड़े पतीले में खाना बनाती थी.’

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *