ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने रविवार को कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट की तरफ आने की कोशिश करने वाले किसी भी सैन्य जहाज को अमेरिका के साथ हुए दो हफ्ते के सीजफायर का उल्लंघन माना जाएगा. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा जारी एक बयान में गार्ड्स ने कहा कि ऐसी किसी भी कोशिश का जवाब बेहद कठोर और निर्णायक तरीके से दिया जाएगा.
मौजूदा वक्त में यह रणनीतिक स्ट्रेट पूरी तरह से ईरान की नौसेना के कंट्रोल और ‘स्मार्ट मैनेजमेंट’ के अधीन है. हालांकि, ईरान ने यह भी कहा है कि यह जलमार्ग गैर-सैन्य जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए खुला रहेगा, बशर्ते वे नियमों का पूरी तरह पालन किया जाए.
यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां और कूटनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर हैं. ईरान का यह सख्त रुख दिखाता है कि वह सीजफायर के दौरान अपनी समुद्री सीमाओं और संप्रभुता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता करने के पक्ष में नहीं है.
होर्मुज़ पर ईरान का ‘स्मार्ट मैनेजमेंट’
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जोर देकर कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट की सिक्योरिटी और मैनेजमेंट का जिम्मा पूरी तरह ईरान की नौसेना के पास है. उन्होंने इस व्यवस्था को ‘स्मार्ट मैनेजमेंट’ का नाम दिया है. इसके तहत हर आने-जाने वाले जहाज की निगरानी की जा रही है, जिससे किसी भी बाहरी सैन्य हस्तक्षेप को तुरंत रोका जा सके और क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत रखी जा सके.
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इस्लामाबाद में नाकाम वार्ता के बाद ट्रंप की धमकी
US के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन जल्द ही उन जहाजों को रोकना शुरू कर देगा, जो होर्मुज़ स्ट्रेट में घुसने या उससे बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं. यह US-ईरान बातचीत के किसी समझौते पर न पहुंच पाने के बाद एक बड़ा तनाव बढ़ाने वाला कदम है.
ट्रंप ने कहा, “अभी से, यूनाइटेड स्टेट्स नेवी उन सभी जहाजों को रोकने की प्रक्रिया शुरू कर देगी, जो होर्मुज़ स्ट्रेट में घुसने या उससे बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं.” उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान इस जलमार्ग को खुला रखने के अपने वादों को पूरा करने में नाकाम रहा है. ट्रंप ने आरोप लगाया कि नौसैनिक माइंस के खतरों ने पहले ही जहाजरानी की गतिविधियों को रोक दिया है. उन्होंने कहा, “वे कहते हैं कि वहां कहीं कोई माइन हो सकती है. कौन सा जहाज मालिक ऐसा जोखिम उठाना चाहेगा?”
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