होर्मुज बंद होते ही रूस-चीन की आपात बैठक… पुतिन के मंत्री पहुंचेंगे बीजिंग, अमेरिका को देंगे मिलकर जवाब! – russia china talks beijing lavrov wang yi hormuz blockade iran energy crisis NTC agkp

ByCrank10

April 13, 2026 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,


रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव मंगलवार को चीन पहुंचेंगे. यह दौरा ऐसे वक्त में हो रहा है जब अमेरिका ने होर्मुज की खाड़ी को बंद कर दिया है जिससे दुनिया भर में तेल की सप्लाई पर बड़ा संकट आ गया है. रूस और चीन मिलकर इस पूरी स्थिति पर अपनी रणनीति तय करने वाले हैं।.

रूस के विदेश मंत्री लावरोव चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बुलावे पर बीजिंग आ रहे हैं. यह दो दिन का दौरा होगा. इसकी वजह बहुत साफ है. अमेरिका ने होर्मुज की खाड़ी को बंद करने का ऐलान किया है. यह दुनिया का सबसे अहम तेल का समुद्री रास्ता है. इसके बंद होने से दुनिया भर में तेल की सप्लाई पर गहरा असर पड़ रहा है. चीन और रूस दोनों इससे सीधे प्रभावित हैं इसलिए दोनों देश मिलकर इस संकट से निपटने की योजना बनाना चाहते हैं.

चीन को होर्मुज बंद होने से क्यों डर है?

चीन सालों से ईरान से बड़ी मात्रा में तेल खरीदता आया है. अमेरिका ने ईरान पर कई तरह की पाबंदियां लगा रखी हैं लेकिन चीन ने उन पाबंदियों की परवाह न करते हुए ईरान से तेल का आयात जारी रखा. अब जब होर्मुज की खाड़ी बंद हो गई है तो ईरान का तेल चीन तक पहुंचना मुश्किल हो गया है. इससे चीन की ऊर्जा सुरक्षा यानी तेल और गैस की जरूरत पूरी करने पर सीधा खतरा है.

रूस की क्या भूमिका है?

रूस भी चीन को बड़ी मात्रा में तेल और गैस बेचता है. दोनों देशों के बीच ऊर्जा का बहुत बड़ा व्यापार है. इसके अलावा रूस और ईरान के भी अच्छे रिश्ते हैं. यानी तीनों देश अमेरिका के दबाव में हैं और तीनों के हित एक जगह मिलते हैं.

रूस और चीन का रिश्ता कैसा है?

रूस और चीन के राष्ट्रपति यानी पुतिन और शी जिनपिंग ने अपने रिश्ते को ‘बिना किसी सीमा की दोस्ती’ कहा है. इसका मतलब है कि ये दोनों देश किसी भी मुद्दे पर एक-दूसरे का साथ देते हैं. दुनिया के तमाम बड़े मुद्दों पर दोनों की सोच एक जैसी रहती है. दोनों के ईरान के साथ भी रणनीतिक और सैन्य संबंध हैं.

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रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Photo: AP)

इस दौरे में क्या होगा?

लावरोव और वांग यी की बैठक में कई अहम मुद्दों पर बात होगी. पश्चिम एशिया यानी मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव पर दोनों की राय क्या है और आगे क्या करना है यह तय होगा. होर्मुज की खाड़ी के बंद होने से पैदा हुए ऊर्जा संकट से कैसे निपटा जाए यह भी चर्चा का विषय होगा. इसके अलावा दोनों देशों के आपसी रिश्ते और मिलकर काम करने के तरीकों पर भी बात होगी.

यह दौरा दुनिया के लिए क्यों अहम है?

यह दौरा इसलिए बहुत अहम है क्योंकि एक तरफ अमेरिका है जो ईरान पर दबाव बना रहा है और होर्मुज बंद कर चुका है. दूसरी तरफ रूस और चीन मिलकर अपनी रणनीति बना रहे हैं. यह दुनिया के दो बड़े खेमों के बीच की लड़ाई है जिसका असर तेल के दाम और पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा.

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