यूपी के चंदौली में कानून व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है, जहां पशु तस्करों से मिलीभगत के आरोप में एक पुलिसकर्मी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार सिपाही की पहचान सत्येंद्र यादव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अकबरपुर का रहने वाला है. उस पर आरोप है कि वह लंबे समय से पशु तस्करों के संपर्क में था और उन्हें पुलिस की गतिविधियों की जानकारी देकर तस्करी में मदद करता था.
कैसे सामने आया मामला?
दरअसल, पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब इलिया थाना पुलिस ने एक पशु तस्कर को गिरफ्तार किया. उसके पास से गोवंश भी बरामद किए गए. पूछताछ और मोबाइल की जांच के दौरान यह सामने आया कि सत्येंद्र यादव लगातार तस्करों के संपर्क में था. वह उन्हें यह जानकारी देता था कि किस समय वाहन निकालना सुरक्षित रहेगा और किस रूट से तस्करी आसानी से हो सकती है.
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देश पर कार्रवाई की गई और आरोपी सिपाही को उसके गृह जनपद से गिरफ्तार कर लिया गया. बताया जा रहा है कि सत्येंद्र यादव पहले भी सैयदराजा थाने में तैनात रहा था, जहां उसके खिलाफ इसी तरह के आरोपों में मामला दर्ज हुआ था. उस दौरान वह जमानत पर बाहर आने के बाद ड्यूटी से गायब हो गया था और कथित तौर पर अपने गृह क्षेत्र से तस्करी नेटवर्क को सहयोग कर रहा था.
तस्करों की गाड़ियों को पार कराने में अहम भूमिका
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सिपाही यूपी-बिहार सीमा पर तस्करों की गाड़ियों को पार कराने में अहम भूमिका निभाता था. फिलहाल उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है.
एसपी आकाश पटेल ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि पशु तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह आम नागरिक हो या पुलिसकर्मी. उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में पशु तस्करी के 162 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 410 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई और करीब 1300 पशुओं को मुक्त कराया गया. साथ ही 178 वाहन भी जब्त किए गए.
वहीं, वर्ष 2026 में अब तक 46 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 345 पशु और 55 वाहन बरामद किए गए हैं. पुलिस का कहना है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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