सुपरसोनिक की वापसी, ड्रोन सिक्योरिटी पर फोकस… ट्रंप ने यूएस की हवाई सुरक्षा को लेकर तीन बड़े आदेशों पर लगाई मुहर – Trump approves three major orders regarding US air security Return of supersonic focus on drone security ntc


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन महत्वपूर्ण आदेशों पर हस्ताक्षर किए, जिनका उद्देश्य यूएस की हवाई सुरक्षा को मजबूत करना, ड्रोन खतरों से निपटना और इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी के साथ ही सुपरसोनिक विमानन को बढ़ावा देना है.

व्हाइट हाउस के अनुसार इन आदेशों का मकसद ड्रोन तकनीक को व्यावसायिक रूप से अधिक सक्षम बनाना है, जिसमें उन ड्रोन की अनुमति देना शामिल है जो ऑपरेटर की आंखों की सीधी नजर से बाहर उड़ते हैं. यह ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए ड्रोन डिलीवरी की राह को आसान बना सकता है. इसके अलावा, चीन पर निर्भरता घटाने और अमेरिकी हवाई क्षेत्र पर पूर्ण नियंत्रण बनाए रखने के लिए एक विशेष संघीय टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा.

इन आदेशों में ड्रोन के दुरुपयोग को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया है. इसमें संवेदनशील स्थलों के ऊपर ड्रोन उड़ाने पर और अधिक प्रतिबंध लगाने, ड्रोन को रियल-टाइम में ट्रैक करने की तकनीक अपनाने के साथ ही स्थानीय एजेंसियों को सहयोग देने की बात कही गई है.

रॉयटर्स के मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के वरिष्ठ निदेशक सेबास्टियन गोरका और व्हाइट हाउस विज्ञान व तकनीक नीति कार्यालय के निदेशक माइकल क्रात्सिओस ने कहा कि यह कदम रूस-यूक्रेन युद्ध, आगामी ओलंपिक और वर्ल्ड कप जैसे आयोजनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाए गए हैं. गोरका ने यह भी कहा कि ड्रोन के दुरुपयोग को रोकने के लिए बदमाशों और मूर्खों दोनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

सुपरसोनिक यात्रा पर से प्रतिबंध हटा

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 1973 में लगाए गए उस प्रतिबंध को हटाने का निर्देश दिया है, जो अमेरिका में सुपरसोनिक उड़ानों को रोकता था. अब अमेरिकी नागरिक न्यूयॉर्क से लॉस एंजेलिस की यात्रा चार घंटे से कम समय में कर सकेंगे, क्योंकि आधुनिक तकनीक अब इस उड़ान को सुरक्षित, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल बनाएगी.

चीन को लेकर रुख नरम, लेकिन सतर्क

ट्रंप के आदेशों में किसी भी चीनी ड्रोन कंपनी पर सीधे प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, लेकिन ध्यान दिया गया कि चीन की प्रमुख कंपनियों जैसे DJI और Autel Robotics पर बाइडेन प्रशासन के समय पहले ही प्रतिबंधात्मक विधेयक पेश हो चुका है.



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