दो विदेशी पर्यटक घूमने के लिए बिहार आए. यहां राजगीर के प्रसिद्ध रत्नागिरी पर्वत की खूबसूरती को वो निहारने पहुंचे लेकिन यहां आकर वो रास्ता भटक गए. घने जंगलों में फंसने के बाद स्थिति ऐसी बन गयी कि उनके जान पर आ गयी. रात के अंधेरे में खोने की बड़ी वजह गूगल मैप के भरोसे ट्रैकिंग पर निकलना भी था. लेकिन पुलिस की सूझबूझ के कारण दोनों सकुशल बाहर आ गए.

गूगल मैप के भरोसे निकल गए दोनों पर्यटक

दरअसल, आयरलैंड के जेम्स और वेनेजुएला के राफेल बिना किसी गाइड के ही सफर करने निकले थे. वो रत्नागिरी पर्वत पर घूमने निकल गए. उनका उद्देश्य बौद्ध धर्म से जुड़ी जगहों पर भ्रमण करना था, लेकिन गलती हुई गूगल मैप्स पर निर्भर होना. वो रास्ता भटक कर जंगल के भीतर चले गए. बेहद जटिल रास्ते और नेटवर्क की समस्याओं ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी.

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पुलिस फौरन एक्शन में आयी

रास्ता भटके दोनों विदेशी परेशान हो गए. रात धीरे-धीरे और गहराती गयी. दोनों घबराहट में मदद की गुहार लगाने लगे. घने जंगलों में वो ‘हेल्प मी’ हैलो-हैलो… और सीटी की आवाज लगा रहे थे. स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना मिली तो राजगीर थानाध्यक्ष और बिहार सैन्य पुलिस की एक टीम तत्काल मौके पर पहुंची.

‘हेल्प मी’ हैलो-हैलो…की आयी आवाज

डीएसपी सुनील कुमार ने बताया कि रत्नागिरी पर्वत के घने जंगलों में शांति स्तूप के पास तैनात बीएसपी के एक जवान रात के अंधेरे में मदद मांगने की आवाज सुनाई दी. सीटी की आवाजें भी आ रही थी. जवान ने तुरंत प्रशासन को सूचित किया और रेस्क्यू टीम को रवाना किया गया. डीएसपी ने लोगों से अपील की है कि पहाड़ी और जंगली इलाकों में अकेले ट्रैकिंग करने से बचें.

क्या बोले दोनों पर्यटक…

वहीं सफल रेस्क्यू के बाद दोनों पर्यटकों ने कहा कि हमने यह सोचा नहीं था कि इतनी जल्दी मदद मिल जाएगी. उन्होंने बताया कि गूगल मैप पर हमें भरोसा था लेकिन जंगल में जटिल रास्तों और नेटवर्क की समस्या ने हमें मुश्किल में डाल दिया.



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