DTO: मुजफ्फरपुर में कॉमर्शियल वाहन विक्रेता एजेंसी द्वारा गाड़ी बेचने में बड़ी लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है. जिसमें एजेंसी द्वारा वाहन मालिकों को गाड़ी बेचने के करीब एक साल बाद भी अब तक रजिस्ट्रेशन संबंधित आवश्यकत कागजात को परिवहन विभाग के वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया. इस कारण उन गाड़ियों का रिकाॅर्ड विभागीय वेबसाइट पर ऑनलाइन नहीं दिख रहा है. जांच में जिला के विभागीय वेबसाइट पर ऐसे 235 वाहनों का रिकॉर्ड सामने आया है.

वाहन एजेंसी द्वारा रजिस्ट्रेशन के समय आवश्यक कागजात अपलोड नहीं किये गये. ऐसे 48 कॉमर्शियल वाहन एजेंसी है, जो मुजफ्फरपुर सहित पटना, मोतिहारी, छपरा, भोजपुर, मधुबनी, वैशाली, सीतामढ़ी, जिले के है. इन सभी को डीटीओ कुमार सत्येंद्र यादव ने नोटिस जारी किया है. जिसमें 72 घंटे के भीतर संबंधित सभी वाहनों के कागजात को विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा गया है.

क्या होती है परेशानी

परिवहन विभाग द्वारा वाहन एजेंसी को निबंधन के लिए लाॅगिन आइडी दिया जा चुका है, ऐसे में गाड़ी के निबंधन संबंधित सभी कागजात उसे ही वेबसाइट पर अपलोड करने है. लेकिन कुछ डीलरों द्वारा ऐसा नहीं किया जा रहा है. इस कारण विभागीय वेबसाइट पर ये सभी आवेदन लंबित मिल रहे है, अधिकांश मामले एक साल तक पुराने है. वाहन एजेंसी आनन फानन में कॉमर्शियल गाड़ी तो बेच देती है टैक्स जमा करने के बाद गाड़ी का नंबर जारी हो जाता है.

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नोटिस जारी किया गया

अधिकांश गाड़ियां लोन पर ही होती है, अब तक इनका ऑनरबुक भी प्रिंट नहीं हो सका है. वाहन एजेंसी द्वारा आवश्यक कागजात इसमें फॉर्म 20, फॉर्म 21, फॉर्म 22, इनव्यास, इंश्योरेंस, आधार कार्ड, वाहन स्वामी का फोटो, सिग्नेचर, चेचीस पेंसिल प्रिंट आदि अपलोड नहीं किया गया. ऐसे में विभागीय वेबसाइट पर उनका पूरा रिकॉर्ड नहीं दिखता. दुर्घटना होने पर गाड़ी का रिकार्ड नहीं दिखता और ना वाहन मालिक की पहचान हो पाती है. विभाग द्वारा कई बार कहे जाने के बाद जब वाहन एजेंसी टर्नअप नहीं हुए तो नोटिस जारी किया गया.

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