एयर इंडिया प्लेन क्रैश: लंदन जा रहा बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गुरुवार को उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों के बाद एक मेडिकल कॉलेज परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई. यह देश की सबसे भयावह हवाई दुर्घटनाओं में से एक है. इतने भयंकर विमान हादसे में कुछ लोग खुशनसीब रहे, जिनकी जान बच गई. उन्हीं में से एक हैं द्वितीय वर्ष के रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. तरुण. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर दुर्घटना का आंखों देखा हाल बताया.
बहुत भयंकर आग थी- डॉ. तरुण
द्वितीय वर्ष के रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. तरुण ने बताया “आग बहुत भयंकर थी. मेरे फ्लैट से बाहर निकलना संभव नहीं था, इसलिए मैं बालकनी से कूद गया.” उन्होंने कहा कि हादसे के दौरान किसी तरह उन्होंने बालकनी से कूदकर अपनी जान बचाई. उन्होंने यह भी बताया कि वो अभी घर नहीं जा रहे हैं. उन्हें जहां भी रहने की जगह मिलेगी वे वहीं चले जाएंगे.
उड़ान के कुछ ही मिनटों में हादसे का शिकार हो गया विमान
गुरुवार को लंदन के लिए रवाना हुआ बोइंग 787 ड्रीमलाइनर एआई-171 विमान सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद मेघाणी नगर क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इसमें यात्री और चालक दल के सदस्यों समेत 242 लोग सवार थे, जिनमें से 241 की मौत हो गई. इस हादसे में विमान में सवार एक शख्स की चमत्कारिक रूप से जान बच गई है.


