एअर इंडिया विमान हादसे ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है. 265 लोगों की दर्दनाक मौत हुई. एयर इंडिया का विमान ऐसा ब्लास्ट हुआ कि शवों को पहचानना मुश्किल है. इन सबके बीच सवाल ये कि आखिर प्लेन हादसा हुआ कैसे. आखिर कैसे दुनिया के सबसे सुरक्षित पैसेंजर विमानों में एक इस तरह जमीन पर आ गया. भारत का एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इनवेस्टिगेशन ब्यूरो यानी AAIB की टीम जांच कर रही है. वहीं अमेरिकी नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड यानी NTSB जांच में सहयोग कर रहा है. ब्रिटेन का एयर एक्सिडेंट्स इनवेस्टिगेशन ब्रांच की भी मदद ली जा रही है. जिसके बाद साफ होगा कि आखिर हादसे की वजह क्या है.
सिविल एविएशन के सूत्रों के मुताबिक बोइंग 787-8 एयरक्राफ्ट का ब्लैक बॉक्स मिल गया है. ब्लैकबॉक्स एक छत पर मिला है, एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इनवेस्टिगेशन ब्यूरो ने ब्लैकबॉक्स को अपने कब्जे में ले लिया है.
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने X पर एक पोस्ट में कहा कि अहमदाबाद विमान हादसे के 28 घंटे के भीतर विमान का फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) बरामद कर लिया गया है. यह विमान हादसे की जांच में एक महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने ब्लैक बॉक्स को घटनास्थल से बरामद किया. ब्लैक बॉक्स में मौजूद तकनीकी जानकारी और उड़ान से जुड़े डेटा की मदद से हादसे के कारणों की गहराई से जांच की जाएगी.
प्लेन हादसे को लेकर टाटा संस के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन ने कहा कि कल जो हुआ वह समझ से परे है, हम सदमे और शोक में हैं. हम जानते हैं कि एक व्यक्ति को भी खोना त्रासदी है, लेकिन एक साथ इतनी सारी मौतें होना समझ से परे है. यह टाटा समूह के इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक है. अभी शब्दों से सांत्वना नहीं मिल सकती, लेकिन मेरी संवेदनाएं दुर्घटना में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिवारों के साथ हैं. उन्होंने लिखा कि हम उनके लिए यहां हैं. आप जानते हैं कि पिछले 24 घंटों में भारत, UK और US से जांच दल दुर्घटना की जांच करने के लिए अहमदाबाद पहुंच चुके हैं. उन्हें हमारा पूरा सहयोग है. हम हादसे के कारणों को पूरी तरह से पारदर्शी रखेंगे. शुरुआती तौर पर कुछ एक्सपर्ट दोनों इंजन फेल होने की संभावना जता रहे हैं.

