प्लेन क्रैश में कौन-सी सीट दे सकती है जिंदगी? रिपोर्ट्स में आयी चौंकाने वाली सच्चाई

ByCrank10

June 13, 2025 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,


Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया फ्लाइट में हुए भयानक हादसे के बाद लोग जानना चाहते हैं कि क्या प्लेन में कोई ऐसी सीट होती है जो जान बचा सकती है? रिसर्च के अनुसार विमान का पिछला मिडिल सीट हिस्सा सबसे सुरक्षित माना जाता है. जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ और सेफ्टी गाइडलाइंस.

अहमदाबाद विमान दुर्घटना, विमान दुर्घटना में सबसे सुरक्षित सीट: अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट एक गुरुवार को भीषण हादसे का शिकार हो गई. विमान में सवार 242 में से 241 की मौत हो गयी. जबकि 1 जिंदा बच गया. यह हादसा न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया को झकझोर दिया. इस दुर्घटना के बाद एक सवाल फिर से लोगों के मन में उठ रहा है कि क्या विमान में कोई ऐसी “सुरक्षित सीट” होती है, जिस पर बैठने से किसी प्लेन क्रैश में जान बचाई जा सकती है? आइए तथ्यों के आधार पर इसका जवाब जानते हैं.

क्या फ्लाइट में कोई सीट वाकई ज्यादा सुरक्षित होती है?

अधिकतर यात्री जब फ्लाइट की सीट की बुकिंग करते हैं तो वे खिड़की, लेग स्पेस या जल्दी उतरने जैसी सहूलियतों का ध्यान रखते हैं. लेकिन विमान सुरक्षा विशेषज्ञ और कई अंतरराष्ट्रीय शोधों के अनुसार, कुछ सीटें वास्तव में दूसरों की तुलना में अधिक सुरक्षित हो सकती हैं.

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पिछले हिस्से में बैठे यात्रियों के जीवित रहने की संभावना अधिक

NTSB (अमेरिका) की रिसर्च के अनुसार पिछले हिस्से में बैठे यात्रियों के जीवित रहने की संभावना 69 फीसदी होती है. वहीं, विंग्स के पास बैठे यात्रियों के बचने की संभावना 59 फीसदी होती है. जबकि सामने की पंक्तियों में बैठे यात्रियों के बचने का चांस केवल 49 फीसदी. इससे स्पष्ट होता है कि विमान के पिछले हिस्से में बैठना तुलनात्मक रूप से ज्यादा सुरक्षित माना गया है.

सबसे असुरक्षित सीटें कौन-सी हैं?

टाइम मैगजीन और फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) के आंकड़ों के यह बात सामने आयी कि प्लेन के बीच वाले हिस्से की aisle सीटें सबसे डेंजरस होती है. क्योंकि इनमें मृत्यु दर 44 फीसदी तक पाई गई. वहीं, सबसे सुरक्षित पीछे की मिडिल सीट को बताया गया जहां मृत्यु दर मात्र 28 प्रतिशत थी. CNN की रिपोर्ट के अनुसार, मिडल सीट पर बैठा यात्री बगल में बैठे लोगों की वजह से एक ‘बफर’ में होता है, जिससे कुछ हद तक उसे अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है.

सिर्फ सीट नहीं, हादसे का तरीका भी तय करता है जीवन-मरण

हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि यह पूरी तरह सीट पर निर्भर नहीं करता है. CNN की उस रिपोर्ट में बताया गया है कि अगर विमान किसी पहाड़ से टकराए या सीधे समुद्र में गिरे, तो बचाव की संभावना बेहद कम हो जाती है. कई बार तो यह भी देखा गया है कि एक ही रो में बैठे कुछ यात्री बचते हैं और कई लोगों की जान चली जाती है. यानी कई बार यह भी एक ‘रैंडम’ घटना बन जाती है.

फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन का क्या दावा

फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन का कहना है कि विमान में कोई भी 100 फीसदी सुरक्षित वाली सीट नहीं होती. लेकिन कुछ स्थान, जैसे पीछे की मिडल सीटें, तुलनात्मक रूप से सुरक्षित मानी जा सकती हैं.”

तो क्या करें?

  • सीट बेल्ट हमेशा बांधे रखें, यह आपकी पहली सुरक्षा है.
  • आपातकालीन निकासी के करीब बैठने की कोशिश करें, रेस्क्यू में मदद मिलेगी.
  • सुरक्षा निर्देशों को हल्के में न लें, फ्लाइट अटेंडेंट जो बताते हैं, वो महत्वपूर्ण बातें होती है, जो इमरजेंसी की समय काम आ सकता है.

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