इज़राइल-ईरान युद्ध: मिडिल ईस्ट में हालात अब पूरी तरह युद्ध में तब्दील हो चुके हैं. 13 जून की रात ईरान ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-3 के तहत इजरायल की राजधानी तेल अवीव पर 100 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर दिया. इस भीषण अटैक के बाद तेल अवीव का आसमान मिसाइलों की आग से लाल हो गया, और शहर में अफरा-तफरी मच गई. लोग जान बचाने के लिए बंकरों में भागने लगे. कई मिसाइलें इजरायली डिफेंस सिस्टम ‘आयरन डोम’ और ‘डेविड स्लिंग’ को चकमा देने में कामयाब रहीं, जिससे विनाश का दृश्य बन गया.
सुबह इजरायल ने मचाई थी तबाही
ईरान का यह हमला, इजरायल के उसी दिन सुबह किए गए ऑपरेशन राइजिंग लायन का जवाब था, जिसमें इजरायली फाइटर जेट्स ने तेहरान और नतांज जैसे शहरों में कई सैन्य और परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया था. इस हमले में 100 से अधिक ईरानी मारे गए, जिनमें ईरान के टॉप आर्मी जनरल्स और परमाणु वैज्ञानिक भी शामिल थे.
⚠RAW फुटेज: ईरान ने पिछले घंटों में इज़राइल की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलों को लॉन्च किया।
आईडीएफ नहीं कर सकता है, और नहीं, ईरान को हमारे नागरिकों पर हमला करने की अनुमति देगा। pic.twitter.com/irdk05uerm
– इज़राइल रक्षा बल (@IDF) 13 जून, 2025
अमेरिका बना इजरायल का रक्षक
ईरान के जवाबी हमले के समय इजरायल को अकेले मुकाबला करना भारी पड़ रहा था, तभी अमेरिका संकटमोचक बनकर सामने आया. अमेरिकी रक्षा प्रणालियों और लड़ाकू विमानों ने मोर्चा संभाला और कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया. समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, अमेरिका ने मिसाइल इंटरसेप्ट करने और इजरायली ठिकानों की सुरक्षा के लिए अपने सिस्टम इजरायल के करीब तैनात किए हैं.
जान-माल का नुकसान
अब तक की जानकारी के अनुसार, इस ईरानी हमले में 1 इजरायली की मौत और 70 से अधिक घायल हुए हैं. माना जा रहा है कि यह आंकड़ा बढ़ सकता है क्योंकि कई जगहों पर मलबे में लोग फंसे हुए हैं और राहत कार्य जारी है.


