‘हवा में उड़ते कॉफिन…’, केदारनाथ हेलिकॉप्टर क्रैश के चश्मदीदों ने बयां की लापरवाही की दास्तां – eyewitnesses of Kedarnath helicopter crash tells story of negligence called helicopter flying Coffins ntc

ByCrank10

June 16, 2025


केदारनाथ यात्रा के दौरान हेलिकॉप्टर सेवाओं को लेकर लगातार लापरवाही के आरोप लग रहे हैं. 15 जून को गौरीकुंड के जंगलों में हुए एक हेलिकॉप्टर क्रैश के बाद चश्मदीदों ने आंखोंदेखा हाल बयां किया है. प्रशांत पाटिल, राहुल किराड, डॉ. मेघना शर्मा (ब्लॉगर), आस्था और अस्मिता ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि अब हेलिकॉप्टर यात्रा ‘फ्लाइंग कॉफिन’ बनती जा रही है.

उस दिन क्या हुआ था?

यात्रियों ने बताया कि 14 जून को उनकी सुबह 7 बजे सहस्त्रधारा हेलीपैड से केदारनाथ के लिए उड़ान निर्धारित थी, लेकिन तकनीकी खराबी का हवाला देकर उन्हें दोपहर 12 बजे तक इंतजार कराया गया. कहा गया कि हेलिकॉप्टर में कुछ खराबी आ गई है. जब हेलिकॉप्टर नहीं आया तो उन्हें गुप्तकाशी में रुकने को कहा गया और अगली सुबह 4:20 बजे फिर से हेलीपैड पहुंचने के लिए बोला गया, जो उनके मुताबिक पूरी तरह गलत और अव्यवस्थित था. जिस हेलीकॉप्टर से उन्हें केदारनाथ दर्शन के लिए जाना था, वह कभी आया ही नहीं. शुरुआत में यह भी कहा गया कि उस हेलिकॉप्टर ने कहीं इमरजेंसी लैंड किया है.

‘टेक्निकल सपोर्ट नहीं, स्टाफ का व्यवहार खराब’

उन्होंने बताया कि एक-एक हेलिकॉप्टर में 7-7 यात्रियों को भेजा जा रहा था. न कोई टेक्निकल सपोर्ट, न कोई स्पष्ट निर्देश. स्टाफ का रवैया भी बेहद गैर-जिम्मेदाराना और रूखा था. हेलिकॉप्टर में सफर के दौरान लगातार टर्बुलेंस (हवा में झटके) महसूस हो रहे थे. किसी नियम-कायदों का पालन नहीं हो रहा है. ATC (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) और सुरक्षा व्यवस्था कुछ नहीं है.

‘भगवान का शुक्र है, बच गए’

यात्रियों ने बताया कि उनके कुछ साथी इसी हेलिकॉप्टर से गुप्तकाशी से केदारनाथ पहुंचे थे. हादसे की खबर सुनकर सभी सहमे हुए थे. भगवान का धन्यवाद है कि वे बाल-बाल बच गए. बता दें कि उत्तराखंड में केदारनाथ धाम से गुप्तकाशी के लिए उड़ान भरने वाला आर्यन एविएशन का एक हेलिकॉप्टर रविवार को गौरीकुंड के जंगलों में क्रैश हो गया था. हेलिकॉप्टर में पायलट समेत 7 यात्री सवार थे, जिसमें एक बच्ची भी शामिल थी. हादसे में सभी की मौत हो गई थी.



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