oarfish in tamilnadu – भारत में दिखी वो मछली, जो अगर दिख जाए तो आ जाती है तबाही… क्यों है खतरनाक? – oarfish fish spotted in india tamilnadu raising concerns on earthquake tsumani why it is dangerous pvpw


भारत में पाया गया ओराफ़िश: भारत के तमिलनाडु में ओरफिश मछली दिखाई दी है. तमिलनाडु में मछुआरों ने लगभग 30 फीट (9 मीटर) लंबी एक विशालकाय मछली पकड़ी है. इस मछली का समुद्र तट पर मिलना कोई आम बात नहीं है, यह वही मछली है जिसे लोग तबाही का संकेत मानते हैं. वैज्ञानिक भाषा में इसे रीगलेकस ग्लेस्नी (Regalecus Glesne) कहते हैं. इस मछली को Oarfish फिश कहा जाता है.

इस घटना के कुछ दिनों बाद यह मछली तस्मानिका के वेस्ट कोस्ट में भी देखी गई, जो कि तीन मीटर लम्बी थी. यही नहीं, इस मछली को जून 2025 में न्यूजीलैंड के साउथ टापूओं पर देखा गया था. इससे पहले यह मछली जहां भी दिखाई दी है, वहां तबाही जरूर मची है. यही कारण है कि इस मछली का बार-बार दिखना किसी बड़े खतरे का संकेत हो सकता है.

जापान की सुनामी से ठीक पहले दिखी थी ओरफिश

इससे पहले अगस्त 2024 के दौरान कैलिफोर्निया के सैन डियागो तट पर 12-फुट की ओरफिश देखी गई थीं. इस घटना के दो दिन बात लॉस एंजिल्स में 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था. इस दौरान कैलिफोर्निया शहर से कई वीडियो सामने आए थे, जिसमें धरती पर दरारे पड़ी हुई थीं. इस शहर के कई इलाके जमीन में धंसे नजर आ रहे थे. यही नहीं, जापान में आई सुनामी से पहले भी यह मछली वहां समुद्र तट पर दिखाई दी थी.

वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि भूकंपीय गतिविधि, तापमान में बदलाव, विषाक्तता या बीमारी जैसी असामान्य समुद्री घटनाएं इन गहरे समुद्र की मछलियों को भ्रमित कर सकती हैं, जिससे वे सतह पर आ जाती हैं या खुद को किनारे पर छोड़ देती हैं. फिर भी, भूकंप के समय ओरफिश के बार-बार दिखने की घटना को पूरी तरह से नकारा नहीं जा सकता है और यह विचार करने वाली बात है.

कितनी भारी है ओरफिश?

इस मछली की लंबाई की बात करें तो यह 36 फीट की होती है और इसका वजह लगभग 441 पाउंड होता है. इसलिए इसे उठाने में कई लोगों की मदद लगती है. इस मछली का सतह पर आना मतलब कोई बड़ी भूकंप या प्राकृतिक आपदा आ सकती है. हालांकि, वैज्ञानिक ऐसा नहीं मानते हैं. लेकिन 2011 में जापान में आए विनाशकारी सुनामी और 9.0 तीव्रता के भूकंप से कुछ महीने पहले 20 ओअरफिश समुद्र तट पर मृत पाई गई थीं.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *