यमुना की सफाई के लिए तैयार कार्य योजना जल्द होगी लागू


Delhi Govt: दिल्ली में यमुना की सफाई को लेकर भाजपा सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है. विधानसभा चुनाव में यमुना की सफाई एक बड़ा मुद्दा था. दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने के बाद यमुना सफाई को लेकर कार्ययोजना बनायी गयी है. शनिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें दिल्ली सरकार के जल मंत्री प्रवेश वर्मा भी मौजूद रहे. बैठक में जलापूर्ति, सीवरेज, यमुना नदी की सफाई,और दिल्ली जल बोर्ड के वित्तीय एक्शन प्लान को लेकर मंथन किया गया और यमुना की सफाई के लिए 45 सूत्री कार्य योजना को लागू करने को मंजूरी दी गयी. मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार की गयी है.

इस योजना के तहत नालों के गंदे पानी को ट्रीट करने, सीवरेज नेटवर्क का विस्तार, नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना, नदी किनारे का सौंदर्यीकरण और जन-जागरूकता अभियान को बढ़ावा देना है. सरकार का मकसद यमुना को न केवल प्रदूषण-मुक्त करना है, बल्कि इसे हरी-भरी और स्वच्छ और अविरल बनाना है ताकि दिल्ली के लोगों को स्वच्छ पानी और प्रदूषण से मुक्ति मिल सके. उन्होंने कहा कि दिल्ली में पुराने हो चुके जल व सीवर लाइनों को बदला जायेगा. बढ़ती आबादी और पानी की मांग को देखते हुए नये तरीके अपनाने होंगे. दिल्ली जल बोर्ड को निर्देश दिए गया है कि वे चरणबद्ध तरीके से पुरानी लाइनों को बदलने का काम करें.

ड्रेनेज सिस्टम को आधुनिक बनाने पर दिया जा रहा है जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की अनधिकृत बस्तियों में दिसंबर 2027 तक जल और सीवर पाइपलाइन बिछाने का लक्ष्य रखा गया है. दिल्ली जल बोर्ड 8000 करोड़ रुपये की लागत से 303 ड्रेनेज प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है, जिसके तहत बड़े नालियों का मरम्मत, जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान, नए पंप हाउस की स्थापना और बारिश के पानी के निकास की व्यवस्था को बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है. सभी काम को तय समय में पूरा करने का निर्देश दिया है.

रेखा गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार के हर घर नल से जल मिशन को दिल्ली में प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा ताकि हर दिल्लीवाले को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराया जा सके. बैठक की जानकारी देते हुए जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए टैंकर प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए जीपीएस ट्रैकिंग और मोबाइल ऐप के जरिए टैंकरों की निगरानी की जा रही है. बकाया बिलों के लिए आसान भुगतान विकल्प और कमजोर वर्गों के लिए छूट की योजना पर भी काम किया जा रहा है.



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