उत्तर प्रदेश में वाराणसी प्रयागराज नेशनल हाइवे के भदोही सीमा में स्थित लाला नगर टोल प्लाजा पर 62.87 करोड़ के स्टाम्प चोरी का मामला उजागर हुआ है. टोल संचालक कंपनी को एनएचएआई से 3144 करोड़ में 15 वर्ष के लिए टोल का अनुबंध हुआ था, लेकिन इसे सामान्य अनुबंध बताकर सौ रुपए के स्टाम्प पर पंजीकृत कराया गया. जबकि ऐसे अनुबंध को लीज माना जाता है और इसमें दो फीसदी स्टाम्प शुल्क की अनिवार्यता है. ऐसे में 62.87 करोड़ की स्टाम्प चोरी मानते हुए एआईजी स्टाम्प ने कलेक्टर स्टाम्प के तहत मामला दर्ज कराया है.
गौरतलब हो कि वाराणसी प्रयागराज नेशनल हाइवे के भदोही सीमा में लाला नगर में तोल प्लाजा स्थापित है. 18 मार्च 2023 को दिल्ली की कंपनी काशी टोल वे को एनएचएआई से 15 वर्ष के लिए टोल संचालन का अनुबंध हुआ. इसके लिए कंपनी ने 3144 करोड़ रुपए भुगतान किया. दावा है कि कंपनी ने सामान्य अनुबंध के तहत इस लीज को पंजीकृत कराया था.
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26 नवंबर 2024 को प्रमुख सचिव ने टोल अनुबंधों की जांच का निर्देश दिया. इसके बाद रजिस्ट्री विभाग की ओर से नोटिस जारी कर कंपनी से अनुबंध पत्र की मांग की गई. लेकिन कंपनी ने सही जवाब नहीं दिया. जिसके बाद आरटीआई से अनुबंध पत्र प्राप्त होने पर सामने आया कि सौ रुपए स्टाम्प पर सामान्य अनुबंध दिखाया गया है. जबकि यह लीज अनुबंध है और ऐसे में 3144 करोड़ पर 62.88 करोड़ की स्टाम्प देय बनती है. यह चोरी पकड़ में आने के बाद एआईजी स्टाम्प ने कलेक्टर स्टाम्प के तहत मामला दर्ज कराया है.
एआईजी स्टाम्प के मुताबिक वाराणसी प्रयागराज नेशनल हाइवे के भदोही सीमा में स्थित लाला नगर टोल प्लाजा पर 62.87 करोड़ के स्टाम्प चोरी का मामला उजागर हुआ है. टोल संचालक कंपनी को एनएचएआई से 3144 करोड़ में 15 वर्ष के लिए टोल का अनुबंध हुआ था. मामले की जांच की जा रही है.

