बीजेपी ने किया भगवान जगन्नाथ का अपमान! रथ यात्रा के पहले राजनीति क्यों हुई तेज


Jagannath Rath Yatra 2025: ओडिशा में विपक्षी दल बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस ने दिल्ली में समय से पहले रथ यात्रा आयोजित करने पर बीजेपी की आलोचना की है और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से माफी की मांग की है. गुप्ता रविवार को कमला नगर में भव्य रथ यात्रा में शामिल हुई थीं, जबकि पुरी में पारंपरिक रथ यात्रा 27 जून को निकाली जाएगी. विपक्ष का कहना है कि यह आयोजन धार्मिक परंपराओं का उल्लंघन है.

असमय रथ यात्रा आयोजित करने पर मचा बवाल

सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा, ‘‘दिल्ली की मुख्यमंत्री को असमय रथ यात्रा आयोजित करने के लिए ओडिशा के लोगों से माफी मांगनी चाहिए.’’ उन्होंने कहा कि बीजेपी को भी मुख्यमंत्री से जवाब मांगना चाहिए और इस मामले पर ओडिशा के लोगों को एक स्पष्टीकरण देना चाहिए. बीजेपी पर भगवान जगन्नाथ और उनके श्रद्धालुओं का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता ने पूछा, ‘‘भगवान जगन्नाथ के प्रति भाजपा की भक्ति सच्ची है या नाटक है?’’

कांग्रेस नेता ने कहा कि जब इस्कॉन ने पिछले साल नवंबर में अमेरिका के ह्यूस्टन में रथ यात्रा आयोजित करने की योजना बनाई थी, तब पुरी के राजा गजपति महाराजा दिव्यसिंह देब को यह पसंद नहीं आया था. भगवान जगन्नाथ के भक्तों के कड़े विरोध के बाद इस्कॉन ने इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया था.

बीजेपी का प्रदेश नेतृत्व इस घटना की निंदा क्यों नहीं कर रहा है? बीजद का सवाल

बीजद के वरिष्ठ नेता गौतम बुद्ध दास ने भी दिल्ली में ‘‘असमय’’ रथ यात्रा आयोजित करने को लेकर बीजेपी की आलोचना की. उन्होंने कहा, ‘‘वे (बीजेपी) भगवान जगन्नाथ का नाम लेकर सत्ता में आए. लेकिन अब उन्होंने दिल्ली में असमय रथ यात्रा आयोजित की और मुख्यमंत्री ने इसका उद्घाटन किया.’’ बीजेपी पर भगवान जगन्नाथ के करोड़ों भक्तों की भावनाओं से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने पूछा, ‘‘बीजेपी का प्रदेश नेतृत्व इस घटना की निंदा क्यों नहीं कर रहा है? वे दिल्ली की मुख्यमंत्री को आगाह क्यों नहीं कर रहे हैं?’’

ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने क्या कहा?

इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा, ‘‘दिल्ली में पहले कभी ऐसा आयोजन नहीं देखा गया. दिल्ली में जगन्नाथ के सभी प्रमुख मंदिर पुरी के जगन्नाथ मंदिर की परंपरा और उसके द्वारा तय समय के अनुसार वार्षिक उत्सव का आयोजन करते हैं.’’ उन्होंने कहा कि जब भी ओडिशा सरकार के सामने असामयिक रथ यात्रा आयोजित करने का मामला आता है, तो उसे रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए जाते हैं.

हरिचंदन ने कहा, ‘‘अगर सरकार के अनुरोध के बाद भी कोई असमय रथ यात्रा का आयोजन करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.’’



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