‘नष्ट नहीं हुए ईरान के एनरिच यूरेनियम, सेंट्रीफ्यूज भी ठीकठाक…’, लीक हुई पेंटागन की सीक्रेट रिपोर्ट, ट्रंप बता रहे फेक न्यूज – US military strikes on iranian sites failed claimed cnn new york times trump says fake news ntcppl


क्या ईरान के तीन परमाणु केंद्रों फोर्डो, इस्फहान और नतांज पर भारी भरकम अमेरिकी हमला नाकाम रहा? अमेरिका की न्यूज एजेंसी सीएनएन और न्यूयॉर्क टाइम्स ने इस आशय का रिपोर्ट जारी कर अमेरिकी सिस्टम में हड़बड़ी मचा दी है. सीएनएन की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले सप्ताह ईरान के तीन परमाणु प्रतिष्ठानों पर अमेरिकी सैन्य हमलों से ईरान के परमाणु कार्यक्रम का असली और महत्वपूर्ण चीज नष्ट नहीं हुआ है. सीएनन ने कहा है कि अमेरिकी हमले से ईरान का परमाणु कार्यक्रम बस कुछ महीनों के लिए देर हो जाएगा. सीएनएन के अनुसार यह बात एक प्रारंभिक अमेरिकी खुफिया आकलन में सामने आई है. हालांकि ट्रंप ने इस दावे को फेक न्यूज कहा है.

यह आकलन अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन की खुफिया शाखा रक्षा खुफिया एजेंसी की ओर से तैयार की गई है. सूत्रों में से एक ने बताया कि यह ईरानी परमाणु केंद्रों पर B-2 विमानों से हमलों के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा किए गए युद्ध क्षति आकलन पर आधारित है.

‘नष्ट नहीं हुए यूरेनियम भंडार, सेंट्रीफ्यूज भी कायम, एनरिच यूरेनियम हटाए गए’

इस आकलन के शुरुआती निष्कर्ष राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बार-बार के दावों से मेल नहीं खाते हैं. ट्रंप बार बार दावा कर कहा है कि हमलों ने ईरान की परमाणु एनरिचमेंट क्षमता को “पूरी तरह से नष्ट कर दिया”. रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भी रविवार को कहा कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं इस हमले के बाद खत्म हो गई है.

इस हमले का आकलन कर रहे दो लोगों ने कहा कि ईरान के एनरिच यूरेनियम के भंडार को नष्ट नहीं किया जा सका है. एक शख्स ने कहा कि सेंट्रीफ्यूज काफी हद तक “बरकरार” हैं. यानी कि ठीकठाक हैं. एक अन्य स्रोत ने कहा कि खुफिया जानकारी के अनुसार अमेरिकी हमलों से पहले ही एनरिच यूरेनियम को साइटों से हटा दिया गया था.

गौरतलब है कि इस बाबत रिपोर्ट आई थी और सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला था कि हमले से पहले फोर्डो  साइट के बाहर ट्रकों के मूवमेंट देखे गए हैं.

आकलन हुआ, लेकिन नतीजे गलत

व्हाइट हाउस ने ईरानी परमाणु साइट पर हुए हमले के आकलन होने की बात तो स्वीकार की है, लेकिन वे इसके नतीजों से सहमत नहीं है.

अमेरिकी मीडिया में इस रिपोर्ट की इतनी चर्चा होने लगी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ही सफाई देनी पड़ी.

ट्रंप ने कहा- फेक न्यूज

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर कहा कि ये फेक न्यूज है. उन्होंने लिखा, “फेक न्यूज,  CNN और फेल हो चुके न्यूयॉर्क टाइम्स इसे मिलकर कर रहे हैं. वे इतिहास के सबसे सफल सैन्य हमलों में से एक को नीचा दिखाने की कोशिश में एक साथ आए हैं. ईरान में परमाणु स्थल पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं! टाइम्स और CNN दोनों को जनता द्वारा कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है!”

गौरतलब है कि पिछले रविवार को अमेरिकी बम बर्षक विमान B-2 ने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत ईरान के तीन सबसे अहम और सुरक्षित परमाणु स्थलों फोर्डो, इस्फहान और नंताज पर बंकर बस्टर बम GBU-57 MOP गिराया था.

इस हमले के बाद ट्रंप ने टेलीविज़न संबोधन में इस ने मिशन की प्रशंसा करते हुए इसे एक बड़ी सफलता बताया था.

उन्होंने कहा कि था कि अमेरिका ने ईरान के तीन सबसे महत्वपूर्ण परमाणु स्थलों – नतांज़, फ़ोर्डो और इस्फ़हान में परमाणु एनरिचमेंट सुविधाओं को नष्ट कर दिया है.

30 हजार पाउंड के 14 बम गिराए

CNN और न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के बाद पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता सीन परनेल ने कहा कि हमने सीधे उनके निशाने पर चौदह 30,000 पाउंड के बम गिराए. यानी कि कुल मिलाकर 420,000 पाउंड के बम. यह जानने के लिए किसी प्रतिभा की जरूरत नहीं है कि ये परमाणु सुविधाएं पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं.

अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि हमने न सिर्फ ईरान का न्यूक्लियर बम नष्ट कर दिया, बल्कि ऐसा करने में अमेरिका के किसी सैनिक की जान भी नहीं गई.

एक लूजर ने इसे CNN को लीक किया

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने एक बयान में CNN को कहा कि यह खुफिया आकलन पूरी तरह से गलत है. उन्होंने कहा, “यह कथित आकलन पूरी तरह से गलत है और इसे ‘अति गोपनीय’ के रूप में क्लासिफाई किया गया था, लेकिन फिर भी खुफिया समुदाय में एक अनाम से शख्स और निचले स्तर के लूजर ने इसे CNN को लीक कर दिया.”

कैरोलिन लेविट ने कहा कि इस कथित आकलन को लीक करना राष्ट्रपति ट्रम्प को नीचा दिखाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करने के लिए एक पूरी तरह से चले मिशन का संचालन करने वाले बहादुर लड़ाकू पायलटों को बदनाम करने का एक स्पष्ट प्रयास है. हर कोई जानता है कि जब आप 30,000 पाउंड के 14 बमों को उनके लक्ष्यों पर पूरी तरह से गिराते हैं तो क्या होता है, पूर्ण विनाश.”

अमेरिकी सेना ने कहा है कि ऑपरेशन योजना के अनुसार चला और यह एक “जबरदस्त सफलता” थी.



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