कोई 23 की उम्र में बना अफसर, कोई फैसलों से मचाता है हलचल! जानिए बिहार कैडर के 8 दबंग IAS के बारे में…

ByCrank10

June 26, 2025



शीर्ष IAS अधिकारी बिहार: बिहार कैडर के कई आईएएस अधिकारी देशभर में अपने सख्त प्रशासनिक रवैये, उत्कृष्ट शैक्षणिक पृष्ठभूमि और निर्णयात्मक क्षमता के लिए पहचाने जाते हैं. इन अधिकारियों ने न सिर्फ राज्य प्रशासन में अहम भूमिका निभाई है, बल्कि केंद्र सरकार में भी शीर्ष पदों पर अपनी सेवाएं देकर बिहार को गौरवान्वित किया है. आइये जानते हैं ऐसे ही कुछ चर्चित और प्रभावशाली आईएएस अधिकारियों के बारे में…

केके पाठक: सख्त फैसलों के लिए मशहूर

बिहार कैडर के वरिष्ठ आईएएस केके पाठक वर्तमान में मंत्रिमंडल विभाग के सचिव हैं. अपनी तेजतर्रार और अनुशासित कार्यशैली के लिए वे व्यापक रूप से पहचाने जाते हैं. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के तौर पर कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई सख्त फैसले लिए जिससे वे चर्चा में आए. आम जनता से लेकर अधिकारी और कर्मचारी तक, उनके आदेशों का कड़ाई से पालन होता है.

अरुणीश चावला: आर्थिक नीतियों के विशेषज्ञ

1992 बैच के आईएएस अधिकारी अरुणीश चावला की गिनती देश के प्रभावशाली नौकरशाहों में होती है. हरियाणा के छोटे से गांव से निकलकर लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पीएचडी तक का सफर तय किया. महज 23 साल की उम्र में UPSC पास करने के बाद पलामू में पहली पोस्टिंग मिली. उन्होंने बिहार के कैमूर, औरंगाबाद, जहानाबाद जैसे जिलों में कलेक्टर के रूप में काम किया. फिलहाल निवेश और परिसंपत्ति विभाग में सचिव पद पर कार्यरत हैं.

चंचल कुमार: केंद्र में अहम जिम्मेदारी

1992 बैच के ही अधिकारी चंचल कुमार वर्तमान में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के सचिव हैं. मधुबनी जिले के निवासी चंचल कुमार ने आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री प्राप्त की. वे नीतीश कुमार के प्रमुख सचिव भी रह चुके हैं और उनकी कार्यशैली को बेहद व्यवस्थित और नीतिपरक माना जाता है.

संदीप पौंड्रिक: इस्पात मंत्रालय के सचिव

1993 बैच के आईएएस अधिकारी संदीप पौंड्रिक वर्तमान में इस्पात मंत्रालय में सचिव हैं. वे राजस्थान के मूल निवासी हैं और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं. सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता और पारदर्शिता उन्हें खास बनाती है. वे केंद्र और राज्य में कई अहम पदों पर रह चुके हैं.

सुनील बर्थवाल: वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की कमान

1989 बैच के आईएएस अधिकारी सुनील बर्थवाल वर्तमान में भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के सचिव हैं. इससे पहले वे श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में सचिव पद पर कार्यरत थे. उन्होंने सेंट स्टीफंस कॉलेज और जेएनयू से उच्च शिक्षा प्राप्त की है.

अंशुली आर्या: महिला नेतृत्व की मिसाल

1989 बैच की अंशुली आर्या वर्तमान में राजभाषा विभाग की सचिव हैं. उन्होंने बिहार में माइन्स कमिश्नर के रूप में भी काम किया. यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड में प्रशासक रहीं. वे प्रो. आनंद स्वरूप आर्या की बेटी हैं और शिक्षा एवं प्रशासनिक सेवा में अनुकरणीय योगदान देती रही हैं.

संजय कुमार: शिक्षा और स्वास्थ्य सुधार के सूत्रधार

1990 बैच के आईएएस संजय कुमार शिक्षा मंत्रालय में स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव हैं. बिहार में शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव के रूप में उन्होंने कई सुधारात्मक पहलें कीं. उनकी छवि एक कड़क और असरदार अफसर की रही है.

राजीत पुनाहानी: कौशल विकास के संरक्षक

1991 बैच के अधिकारी राजीत पुनाहानी वर्तमान में कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के सचिव हैं. वे NTPC, पावरग्रिड और EPFO जैसे संस्थानों के बोर्ड में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. आर्थिक मामलों की गहरी समझ उन्हें एक विशिष्ट अधिकारी बनाती है.

इन अधिकारियों की कार्यशैली, निर्णय क्षमता और अनुशासन ने बिहार कैडर को देशभर में विशिष्ट स्थान दिलाया है. वे न सिर्फ शासन व्यवस्था को बेहतर बना रहे हैं, बल्कि प्रेरणा का स्रोत भी हैं.

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