Election 2025: समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि बिहार चुनाव में वह तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद का समर्थन करेंगे. इससे तेजप्रताप यादव को झटका लगा, जो सपा से टिकट की उम्मीद लगाए बैठे थे. वीडियो कॉल के बाद तेजप्रताप ने सियासी समीकरण बदलने की आस जताई थी.

चुनाव 2025: बिहार में सियासी हवा बदलने की उम्मीद लगाए बैठे तेजप्रताप यादव को करारा झटका लगा है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ हुई वीडियो कॉल के बाद तेजप्रताप को लगा था कि सपा उन्हें नई पारी का मंच दे सकती है, लेकिन अखिलेश ने साफ कह दिया कि वे लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव के साथ ही खड़े रहेंगे. सपा प्रमुख ने कहा कि बिहार में पार्टी की प्राथमिकता आरजेडी है और वही गठबंधन आगे बढ़ेगा.

अकेला नहीं हूं… , तेजप्रताप का भावुक पोस्ट

तेजप्रताप यादव ने बुधवार को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक भावुक पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव के वीडियो कॉल का ज़िक्र किया. उन्होंने लिखा कि यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और परिवार के सबसे प्यारे सदस्य अखिलेश यादव से लंबी वार्ता हुई. बातचीत में बिहार की राजनीति पर गंभीर चर्चा हुई और मुझे महसूस हुआ कि मैं अपनी लड़ाई में अकेला नहीं हूं. इस पोस्ट के बाद अटकलें तेज हो गई थीं कि तेजप्रताप, सपा के टिकट पर महुआ या हसनपुर से चुनाव लड़ सकते हैं. लेकिन अब वह संभावना भी धुंधली हो चुकी है.

अखिलेश का बयान: री-डायल किया था, शिष्टाचार था, समर्थन तेजस्वी को

गुरुवार को सपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि तेजप्रताप का फोन आया था, मैंने केवल री-डायल किया था. शिष्टाचारवश बातचीत हुई थी, उसका कोई राजनीतिक संकेत नहीं था. उन्होंने दो टूक कहा कि बिहार में समाजवादी पार्टी केवल तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव के साथ खड़ी होगी. इससे तेजप्रताप समर्थकों को तगड़ा झटका लगा.

इटावा को लेकर तंज: ट्रंप जी को न पता चल जाए!

इटावा की घटना को लेकर भी अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जीरो टॉलरेंस की बात करती है लेकिन उत्पीड़न में सबसे आगे है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दुनिया देख नहीं रही कि भारत में क्या हो रहा है, इसीलिए ट्रंप जैसे नेता भी हमें डांटते रहते हैं. सोचिए अगर ट्रंप जी को इटावा की सच्चाई पता चल जाए, तो क्या होगा!

एक ओर जहां तेजप्रताप यादव को सपा से बड़ी उम्मीद थी, वहीं अखिलेश यादव के सीधे बयान ने उनकी संभावनाओं पर विराम लगा दिया है. दूसरी ओर यूपी सरकार पर अखिलेश यादव के तीखे कटाक्ष ने एक बार फिर सियासी तापमान



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