Bihar Police, अनुज शर्मा, पटना: बिहार सरकार अब थानों और पुलिस लाइनों को न सिर्फ सर्वसुविधा संपन्न बना रही है, बल्कि ऊर्जा संरक्षण को लेकर भी गंभीर है. शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में एडीजी (आधुनिकीकरण, एससीआरबी एवं ट्रैफिक) सुधांशु कुमार ने बताया कि अब ऐसे सभी थाना और पुलिस लाइन भवन, जहां 50 किलोवॉट से अधिक बिजली की खपत हो रही है, वहां सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएंगे. सोलर प्लांट के लिए उनो चिन्हांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. पुलिस मुख्यालय ब्रेडा की मदद से इस परियोजना को पूरा करेगा.

भूमि की तलाश

एडीजी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2007-08 से अब तक कुल 1014 थाना भवनों के निर्माण की स्वीकृति मिली है, जिनमें 737 का निर्माण पूर्ण हो चुका है और शेष 277 पर कार्य प्रगति पर है. इस वर्ष 17 थानों के भवनों की स्वीकृति दी गई है और 37 भवनों का निर्माण पूरा किया जा चुका है. राज्य में 80 थाना भवन ऐसे हैं, जिनके पास भूमि ही नहीं है. इनके लिए भूमि की तलाश की जा रही है.

वहीं 34 थानों में भूमि विवाद के कारण निर्माण शुरू नहीं हो सका है. महिला पुलिसकर्मियों के लिए भी व्यवस्था की जा रही है. अब तक 545 थाना भवनों में 5 से 20 महिलाओं के लिए बैरक बनाए गए हैं, जबकि 25 पुलिस केंद्रों में 100 से 500 क्षमता वाले महिला बैरकों का निर्माण जारी है.

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सभी थानों में महिला बैरक और अलग शौचालय अनिवार्य

एडीजी सुधांशु कुमार ने कहा कि अब सभी नए थाना भवनों में महिला बैरक और अलग शौचालय अनिवार्य कर दिया गया है. अब तक 678 थानों में पांच सीट वाले टॉयलेट और 257 में दो सीट वाले टॉयलेट बनाए गए हैं. राज्य के सभी जिलों में 43 साइबर थानों और 43 यातायात थानों के लिए भवन निर्माण की योजना भी तैयार है. 28 यातायात थानों के भवनों को मंजूरी मिल चुकी है. सभी भवन ए, बी और सी मॉडल के अनुसार बनाए जा रहे हैं.

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