उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में पुलिस विभाग की छवि को शर्मसार करने वाली एक बड़ी घटना सामने आई है. मंडुवाडीह थाने में तैनात क्राइम टीम प्रभारी दारोगा अभयनाथ तिवारी और मुख्य आरक्षी (दीवान) शक्ति सिंह यादव को एंटी करप्शन टीम ने 15 हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया.

जानकारी के मुताबिक, पुलिसकर्मियों की ये करतूत एक स्थानीय सैलून संचालक आकाश गुप्ता की शिकायत पर उजागर हुई है. आकाश ने बताया कि 16 जून की रात उसकी दुकान के बगल स्थित शराब की दुकान पर कुछ युवक दरवाजा पीट रहे थे, जिससे विवाद शुरू हुआ. शराब दुकान के सेल्समैन मनीष ने आकाश को थाने बुलाकर उसकी पिटाई की और फर्जी मुकदमा भी दर्ज करा दिया.

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इसके बाद थानेदार भारत उपाध्याय ने ₹35 हजार की मांग की, जो आकाश ने मजबूरी में दे दिए. फिर विवेचक दरोगा अभयनाथ तिवारी ने भी मामले में गंभीर धाराएं जोड़कर जेल भेजने की धमकी दी और ₹15 हजार की रिश्वत मांगी. जब पीड़ित ने इसकी जानकारी एंटी करप्शन विभाग को दी, तो टीम ने जाल बिछाकर दोनों पुलिसकर्मियों को रंगे हाथ पकड़ लिया.

आरोपी.

इस मामले में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल दोनों घूसखोर पुलिसकर्मियों को निलंबित कर जेल भेज दिया, बल्कि मंडुवाडीह थाने के प्रभारी निरीक्षक भारत उपाध्याय को भी लाइन हाजिर कर दिया है. कैंट थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.



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