उत्तर प्रदेश के संभल जिले में अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया है. हयात नगर से बहजोई रोड तक बने 22 अवैध दुकानों और भवनों के मालिकों ने खुद ही अपने निर्माणों को ध्वस्त कर दिया. यह कार्रवाई लोक निर्माण विभाग (PWD) की सड़क चौड़ीकरण योजना के तहत की जा रही है.

दरअसल, प्रशासन ने इन सभी दुकानों और इमारतों को अवैध घोषित करते हुए उन्हें नोटिस जारी किए थे. इसमें कहा गया था कि नौ फीट तक के अतिक्रमण को स्वयं हटाया जाए, अन्यथा प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी. इसके बाद ज्यादातर मालिकों ने खुद ही कार्रवाई शुरू कर दी और अपने निर्माणों को ढहा दिया.

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सबसे चौंकाने वाला कदम भाजपा के पदाधिकारी जय प्रकाश गुप्ता ने उठाया. उन्होंने अपनी 70 साल पुरानी पांच दुकानों को स्वेच्छा से गिरा दिया. मीडिया से बात करते हुए गुप्ता ने कहा, हमने सरकार का आदेश मिलने के बाद बिना किसी विरोध के खुद ही नौ फीट से अधिक, यानी नौ फुट छह इंच तक का निर्माण तोड़ा है. आज हमने काम पूरा कर लिया है.

प्रशासन का कहना है कि यह अभियान सड़क चौड़ीकरण और यातायात सुगमता के उद्देश्य से चलाया जा रहा है. अधिकारियों ने साफ कहा है कि जो लोग स्वेच्छा से निर्माण नहीं हटाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

इस कार्रवाई को स्थानीय जनता ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है. कुछ लोगों ने इसे विकास के लिए आवश्यक कदम बताया, जबकि कुछ दुकानदारों ने मुआवजे की मांग उठाई है.



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